Bihar Police Crime: बिहार में खाकी पर दाग, 27 लीटर शराब छिपाने के आरोप में हवलदार और महिला होमगार्ड गिरफ्तार

Bihar Police Crime: जब कानून की रखवाली करने वाले ही शराब छिपाने के आरोपों में घिर जाएं, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। ...

Hajipur GRP Cop
बिहार में खाकी पर दाग- फोटो : reporter

Bihar Police Crime: बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और शराब की तस्करी रोकने की जिम्मेदारी पुलिस और सुरक्षा बलों के कंधों पर है। लेकिन जब कानून की रखवाली करने वाले ही शराब छिपाने के आरोपों में घिर जाएं, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही एक मामला हाजीपुर जंक्शन से सामने आया है, जहां जीआरपी में तैनात एक हवलदार और महिला होमगार्ड जवान को 27 लीटर अंग्रेजी शराब छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दोनों की पहचान हवलदार नरेंद्र कुमार सिंह और महिला होमगार्ड जवान अर्चना कुमारी के रूप में हुई है।

गरीब रथ एक्सप्रेस में मिली थी शराब

मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला 20 अक्टूबर 2026 का है। दिल्ली से आ रही गरीब रथ एक्सप्रेस में हाजीपुर जीआरपी में तैनात हवलदार नरेंद्र कुमार सिंह और महिला होमगार्ड जवान अर्चना कुमारी की पेट्रोलिंग ड्यूटी लगी थी। ट्रेन में जांच-पड़ताल के दौरान चार बैग में रखी करीब 27 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई।नियमों के मुताबिक, शराब बरामद होने के बाद इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी। साथ ही, नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया जाना था। लेकिन आरोप है कि दोनों जवानों ने शराब बरामदगी की जानकारी अपने सीनियर अफसरों को नहीं दी और चारों बैग को छिपा लिया।

CCTV फुटेज से खुला राज

मामले की भनक रेल एसपी और जीआरपी प्रभारी को लगने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान हाजीपुर स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में कथित तौर पर दोनों जवान बैग लेकर ट्रेन से उतरते दिखाई दिए। इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई।पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि बैग में शराब रखी हुई थी। इसके बाद जीआरपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। दोनों आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

शराब तस्करों की तलाश में जुटी पुलिस

इस कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच शराब के स्रोत और संभावित तस्करी के नेटवर्क की दिशा में भी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन में चार बैग शराब लेकर कौन आया था और इस मामले में शराब तस्करों की क्या भूमिका थी। यह भी जांच का विषय है कि शराब को छिपाने के पीछे दोनों आरोपियों की मंशा क्या थी।

खाकी पर सवाल, कानून की सख्ती का संदेश

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब की खरीद-बिक्री, परिवहन और तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती है। ऐसे में कानून लागू कराने की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मियों पर ही शराब छिपाने का आरोप लगना गंभीर मामला है। हाजीपुर जीआरपी की इस कार्रवाई से यह संदेश सामने आया है कि वर्दी में होने से कोई भी कानून से ऊपर नहीं हो जाता। हालांकि, मामले में आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार