हाजीपुर में खाकी से सरेबाजार हाथापाई! महिला दरोगा से बदसलूकी, थाने पर पहुंचा अधिवक्ताओं का हुजूम
Bihar Crime: सड़क पर खड़ी एक कार के कारण लगे जाम को हटाने को लेकर महिला दरोगा और कार सवार लोगों के बीच कहासुनी हो गई।
Bihar Crime: बिहार के हाजीपुर में व्यस्त पासवान चौक सब्जी मंडी के पास शुक्रवार को पुलिस और आम लोगों के बीच विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब कथित तौर पर सड़क पर खड़ी एक कार के कारण लगे जाम को हटाने को लेकर महिला दरोगा और कार सवार लोगों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज से हाथापाई तक पहुंच गया। महिला दरोगा ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई, वर्दी खींची गई और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।बताया जा रहा है कि औद्योगिक थाना में तैनात महिला दरोगा नेहा कुमारी कोर्ट ड्यूटी से लौट रही थीं। जब वह पासवान चौक सब्जी बाजार के पास पहुंचीं तो सड़क पर एक कार खड़ी होने के कारण लंबा जाम लगा हुआ था। आरोप है कि महिला दरोगा ने ड्यूटी निभाते हुए कार चालक से वाहन आगे बढ़ाने को कहा।इसी बात को लेकर कार में बैठे लोगों और महिला दरोगा के बीच विवाद शुरू हो गया। महिला दरोगा का आरोप है कि कार चालक और उसकी पत्नी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, उनकी वर्दी के साथ भी कथित तौर पर बदसलूकी की गई।
बीच-बचाव करने पहुंचे अधिवक्ता पर भी आरोप
विवाद के दौरान मौके पर एक अधिवक्ता पहुंचे। महिला दरोगा के मुताबिक, बीच-बचाव और घटना की जानकारी लेने के दौरान अधिवक्ता ने भी उनके साथ बदसलूकी की। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि नगर थाना क्षेत्र से ड्यूटी पूरी कर लौट रहा एक सिपाही मौके पर पहुंच गया।सिपाही ने जब महिला दरोगा के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी देखी तो वह बीच-बचाव करने पहुंचा। आरोप है कि इसके बाद कार चालक, उसकी पत्नी और अधिवक्ता ने मिलकर सिपाही के साथ भी मारपीट की।
मोबाइल छीनने का भी आरोप
महिला दरोगा नेहा कुमारी का आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी थाना को देने के लिए मोबाइल फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल छीन लिया गया। इसके बाद उन्होंने दूसरे फोन से पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलने के बाद गश्ती टीम मौके पर पहुंची और कार चालक, उसकी पत्नी तथा कथित रूप से विवाद में शामिल अधिवक्ता को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
अधिवक्ता की हिरासत के बाद थाने पहुंचा वकीलों का जत्था
अधिवक्ता को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में वकील औद्योगिक थाना पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपने साथी को हिरासत में रखने का विरोध किया। उनका कहना है कि अधिवक्ता ने क्या अपराध किया है, जिसे थाने के हाजत में बंद किया गया है।वहीं दूसरी ओर महिला दरोगा नेहा कुमारी ने अपने साथ हुई कथित मारपीट और बदसलूकी को लेकर अपने ही थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई, कॉलर पकड़कर खींचा गया, वर्दी के साथ बदसलूकी की गई और मोबाइल फोन छीन लिया गया।महिला दरोगा ने मीडिया से बातचीत में भी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अपने ऊपर हुए कथित हमले की जानकारी दी।
दूसरे पक्ष ने भी पुलिस पर लगाए आरोप
इस मामले में दूसरे पक्ष के मनीष कुमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल पर उनके साथ बदसलूकी की गई और उनके बच्चे तथा पत्नी के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत करने की बात कही है।वहीं बीच-बचाव करने पहुंचे अधिवक्ता को भी मामले में आरोपी बनाए जाने की बात सामने आ रही है। अधिवक्ता के समर्थकों का दावा है कि उनके साथी को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। समर्थकों ने सवाल उठाया कि आखिर अधिवक्ता ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन्हें थाने में बंद कर दिया गया।
फिलहाल मामला पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ महिला दरोगा और सिपाही के साथ कथित मारपीट की जांच का सवाल है, तो दूसरी तरफ अधिवक्ता पक्ष अपने साथी पर की गई कार्रवाई को लेकर मुखर है।अब पुलिस जांच में यह साफ होना बाकी है कि जाम हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिर किस तरह हाथापाई तक पहुंचा, किसने पहले मारपीट की और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार