संतोष डॉन के 25 ठिकानों पर EOU की रेड, गिरफ्तारी से बचने के लिए साड़ी पहनकर भागा था पटना का टॉप 10 इनामी बदमाश

बिहार पुलिस ने वर्ष 2026 में संतोष डॉन को पटना जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल किया था। उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।

ED raids on Santosh Don premises in Khusrupur
ED raids on Santosh Don premises in Khusrupur - फोटो : news4nation

Bihar News :  पटना जिले के खुशरूपुर क्षेत्र में शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई मामलों में वांछित पटना जिला के टॉप 10 अपराधियों में शामिल इनामी बदमाश संतोष यादव उर्फ संतोष डॉन से जुड़े करीब 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। छापेमारी  विभिन्न इलाकों में की जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। छापेमारी के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों की भारी संख्या में तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, संतोष डॉन से जुड़े खुशरूपुर प्रखंड के चौड़ा, सुकरबेगचक, पचरुखिया, मुस्तफापुर, जगमालबीघा समेत कई गांवों के अलावा नालंदा जिले के खिदरचक सहित अन्य ठिकानों पर ईडी की टीम जांच कर रही है। केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच की जा रही है।


संतोष यादव उर्फ संतोष डॉन का नाम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों और भूमि विवादों से जुड़ता रहा है। बिहार पुलिस ने वर्ष 2026 में उसे पटना जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल किया था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज बताए जाते हैं। वर्तमान में उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।

संतोष डॉन इससे पहले भी कई बार पुलिस और जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है। दिसंबर 2025 में खुशरूपुर थाना पुलिस ने उसके पचरुखिया स्थित आवास पर छापेमारी की थी। उस दौरान वह कथित तौर पर साड़ी पहनकर पुलिस को चकमा देते हुए फरार हो गया था। हालांकि पुलिस ने मौके से उसके दो अंगरक्षकों को हथियारों के साथ हिरासत में लिया था। संतोष की पत्नी पैक्स अध्यक्ष भी रही है।

 

इसी छापेमारी के दौरान उसके ठिकाने से दो रायफल भी बरामद किए गए थे। वहीं करीब एक दशक पहले भी उसके आवास और ठिकानों पर बड़े स्तर पर पुलिस कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद वह लगातार कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में चर्चा में बना रहा।


फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई (EOU)  की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि एजेंसी वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और आय के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

रविशंकर और रजनीश की रिपोर्ट