सात लोगों की हत्या करने वाले का बिहार के खूंखार अपराधी को यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में किया ढ़ेर, लूट, कत्ल और दहशत का हिसाब खत्म, सवा लाख का था इनामी

Bihar Crime:पुलिस के लिए सिरदर्द बने बिहार के कुख्यात अपराधी को यूपी की पुलिस ने ढ़ेर कर दिया है।.....

Bihar Notorious Criminal Killed in UP Encounter
बिहार के खूंखार अपराधी को यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में किया ढ़ेर,- फोटो : social Media

Bihar Crime:पुलिस के लिए सिरदर्द बने हत्या, डकैती, लूट को अंजाम देने वाले  बिहार के कुख्यात अपराधी को यूपी की पुलिस ने ढ़ेर कर दिया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रविवार देर रात पुलिस और अपराध की दुनिया के बीच चली मुठभेड़ का आखिरकार खूनी अंजाम सामने आया। बिहार और यूपी पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ ललन पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसके नाम पर हत्या, डकैती, लूट और हथियारबंद वारदातों की लंबी फेहरिस्त दर्ज थी। अपराध की दुनिया में उसका नाम खौफ और दहशत का पर्याय बन चुका था।

पुलिस के मुताबिक लल्लन बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था। उस पर दो दरोगाओं, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत सात लोगों की हत्या के आरोप दर्ज थे। इसके अलावा एटीएम कैश वैन लूट, डकैती और कई संगीन वारदातों में भी उसकी संलिप्तता बताई जाती रही है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज थे।

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि चंदौली पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का अतिरिक्त इनाम रखा गया था। यानी अपराध की इस फाइल पर कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम दर्ज था।

पुलिस के अनुसार एएसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में सरसावा-नकुड़ रोड पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार संदिग्ध बदमाशों को रुकने का इशारा किया गया। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चली गोली लल्लन सिंह को जा लगी। उसका एक साथी अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

घायल लल्लन को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस फरार साथी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। वहीं अपराध की दुनिया में लंबे समय तक सक्रिय रहे इस इनामी बदमाश का अध्याय अब बंद हो गया है, लेकिन उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश अभी जारी है।