Bihar Pakadua Vivah: इम्तिहान देने निकला युवक बना पकड़ौआ विवाह का शिकार, कानून के पहरे में फिर बेबस दिखी व्यवस्था, दूल्हे ने कोर्ट मैरिज से किया साफ इनकार
Begusarai Pakadua Vivah: बिहार में कथित पकड़ौआ विवाह की परछाई एक बार फिर सुर्खियों में है। इम्तिहान देने निकला एक युवक खुद को ऐसी साजिश और जबरदस्ती का शिकार बता रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बेगूसराय परीक्षा देकर लौट रहे युवक को बहाने से रोक लिया गया और उसकी मर्जी के खिलाफ शादी की रस्में पूरी करा दी गईं। बाद में जब मामला कोर्ट पहुंचा तो युवक ने दो टूक कहा कि वह अपनी इच्छा से यह रिश्ता स्वीकार नहीं करता और कोर्ट मैरिज से साफ इनकार कर दिया।
युवक का आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोककर दबाव बनाया। इसके बाद कथित तौर पर उसकी मांग में सिंदूर भरवाया गया और शादी की रस्में पूरी कराई गईं। सवाल यह है कि अगर किसी की रजामंदी ही नहीं थी, तो फिर यह विवाह था या दबाव, डर और ज़बरदस्ती का खेल? यह घटना फिर याद दिलाती है कि कानून की किताबें चाहे जितनी सख्त हों, अपराधियों के हौसले कई बार उनसे भी लंबे दिखाई देते हैं।
कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया के दौरान युवक के इनकार के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से औपचारिक लिखित शिकायत सामने आने का इंतजार है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि संबंधित थाना क्षेत्र और युवक-युवती की आधिकारिक पहचान की अब तक सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले के सभी तथ्यों की प्रशासनिक पुष्टि होना बाकी है। लेकिन यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या बिहार में कथित पकड़ौआ विवाह की कहानी सचमुच इतिहास बन चुकी है, या फिर यह कुप्रथा आज भी कानून की आंखों में धूल झोंककर नए-नए रूप में सामने आ रही है? अब सबकी निगाह पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री