Bihar Crime: बिहार में बेखौफ नशेड़ी अपराधियों का दुस्साहस, दुर्गा मेला देखकर लौट रहे युवक को मारी गोली, गंभीर हालत में पटना रेफर
Bihar Crime: बिहार में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस के बीच भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से लूटपाट और गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई है।
Bihar Crime: बिहार में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस के बीच भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से लूटपाट और गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। मुंगेर–मिर्जाचौकी फोरलेन पर दुर्गा पूजा का मेला देखकर घर लौट रहे बांका जिले के दो युवकों को छह अपराधियों ने रास्ते में रोककर लूटपाट की। इस दौरान अपराधियों ने एक युवक को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जबकि उसके साथी के साथ मारपीट की गई। घटना देर रात करीब ढाई बजे सुल्तानगंज फोरलेन स्थित ओवरब्रिज के समीप की बताई जा रही है।गोली लगने से घायल युवक को इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दुर्गा पूजा का मेला देखकर लौट रहे थे दोनों युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर गांव निवासी विमल कुमार, पिता सुनील मांझी के रूप में हुई है। वहीं, उसके साथ मौजूद दूसरे युवक की पहचान दीपक कुमार, पिता उदय नारायण सिंह के रूप में की गई है। दोनों युवक एक ही गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।बताया जाता है कि दोनों युवक मुंगेर जिले के कल्याणपुर में आयोजित दुर्गा पूजा का मेला देखने गए थे। मेला देखने के बाद दोनों वापस अपने घर अमरपुर के कल्याणपुर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अपराधियों ने उन्हें निशाना बना लिया।
रात ढाई बजे छह अपराधियों ने रोकी गाड़ी, लूटपाट के दौरान चला दी गोली
पीड़ित पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे जैसे ही दोनों युवक सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के फोरलेन स्थित ओवरब्रिज के समीप पहुंचे, वहां मौजूद छह अपराधियों ने उनकी गाड़ी रोक ली।आरोप है कि अपराधियों ने दोनों युवकों को घेरकर लूटपाट शुरू कर दी। इसी दौरान बदमाशों ने गोली चला दी, जो विमल कुमार के कंधे में जा लगी। गोली लगते ही विमल गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, उसके साथी दीपक कुमार के साथ अपराधियों ने मारपीट की।अचानक हुई इस वारदात से दोनों युवक दहशत में आ गए। पीड़ित पक्ष के अनुसार, अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
मोबाइल और छह हजार रुपये लूटने का आरोप, नशे में धुत्त थे अपराधी
परिजनों ने बताया कि अपराधियों ने युवकों से मोबाइल फोन और करीब छह हजार रुपये नकद छीन लिए।घायल युवक के अनुसार, घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की संख्या छह थी और सभी नशे की हालत में थे।पीड़ित पक्ष का कहना है कि अपराधियों ने पहले दोनों युवकों को रोककर लूटपाट की और इसी दौरान गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया।
कंधे में फंसी गोली, मायागंज अस्पताल से पटना रेफर
गोली लगने के बाद घायल विमल कुमार को उसके साथी दीपक कुमार ने इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, मायागंज पहुंचाया।बताया जा रहा है कि गोली विमल के कंधे में फंस गई थी। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार किया गया। ताजा जानकारी के अनुसार, घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।घायल की स्थिति और आगे के उपचार को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी की प्रतीक्षा है।
फोरलेन पर यात्रियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
सुल्तानगंज फोरलेन पर देर रात हुई लूटपाट और गोलीबारी की इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।विशेष रूप से दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व के दौरान, जब बड़ी संख्या में लोग देर रात तक मेला देखकर अपने घर लौटते हैं, ऐसे समय में अपराधियों द्वारा राहगीरों को निशाना बनाए जाने की घटना चिंताजनक है।सवाल यह है कि आखिर सुल्तानगंज फोरलेन पर रात के समय सुरक्षा और पुलिस गश्ती की क्या व्यवस्था है?आखिर छह अपराधी फोरलेन पर राहगीरों को रोककर लूटपाट और गोलीबारी की घटना को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए?इस घटना के बाद रात के समय फोरलेन से आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। साथ ही इस वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की भी पुष्टि नहीं हो सकी है।अब देखना होगा कि सुल्तानगंज पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और लूटपाट तथा गोलीबारी की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है।इस घटना ने एक बार फिर फोरलेन पर रात्रि गश्ती बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट