साइबर ठगों पर सरकार का शिकंजा, ऑनलाइन लुटेरों का ऐसे लगेगा ब्रेक, बाजार से स्कूल तक चलेगा जागरूकता अभियान
Bihar Cyber Crime: बिहार में बढ़ते साइबर अपराध ने अब सरकार की पेशानी पर भी शिकन ला दी है।...
Banka: बिहार में बढ़ते साइबर अपराध ने अब सरकार की पेशानी पर भी शिकन ला दी है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने साइबर अपराधियों के खिलाफ मोर्चा और मजबूत करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साइबर अपराध की रोकथाम और तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में बांका समाहरणालय से जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
सरकार का सबसे बड़ा हथियार अब साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 होगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इस नंबर का बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाए। किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह बिना वक्त गंवाए 1930 पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि ठगी गई रकम को रोकने और अपराधियों तक पहुंचने की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके।
स्कूल-कॉलेज भी इस अभियान के निशाने पर होंगे। युवाओं और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और बचाव के उपायों से रूबरू कराने के लिए सेमिनार, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मकसद साफ है ठगों के जाल में फंसने से पहले लोगों को सतर्क करना।बैठक में अधिकारियों ने माना कि साइबर अपराध अब तेजी से बढ़ती गंभीर चुनौती बन चुका है। मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल लेन-देन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अपराधियों ने ठगी के नए रास्ते तलाश लिए हैं। ऐसे में जागरूकता को ही सबसे मजबूत बचाव माना जा रहा है।
सरकार अब साइबर सुरक्षा का संदेश लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी तक पहुंचाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में सुधा डेयरी के विभिन्न उत्पादों की पैकेजिंग पर भी हेल्पलाइन 1930 का संदेश प्रदर्शित किया जाएगा।यानी बाजार से लेकर स्कूल-कॉलेज और दूध के पैकेट तक हर जगह साइबर ठगों के खिलाफ चेतावनी पहुंचाने की तैयारी है। सरकार की कोशिश है कि ठगी होने के बाद पछताने के बजाय लोग पहले से सतर्क रहें और वारदात होते ही 1930 पर खबर करें।
चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट