Bihar Crime: बिना घूस के कोई काम नहीं! सदर अस्पताल का रेट कार्ड आया सामने? जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर हो रहा खुला खेल, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
Bihar Crime: सदर अस्पताल पर आरोप है कि यहां हर काम के लिए रेट फिक्स है चाहे वह जन्म प्रमाण पत्र बनवाना हो या मृत्यु प्रमाण पत्र, बिना पैसे कोई काम नहीं होता।
Bihar Crime:बिहार के औरंगाबाद स्थित सदर अस्पताल औरंगाबाद एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल पर आरोप है कि यहां हर काम के लिए रेट फिक्स हैचाहे वह जन्म प्रमाण पत्र बनवाना हो या मृत्यु प्रमाण पत्र, बिना पैसे कोई काम नहीं होता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में दस्तावेज़ बनाने और उनमें बदलाव कराने तक के लिए अलग-अलग रेट तय हैं। यहां तक कि दलालों का भी एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है, जो पैसे लेकर काम को तेजी से करवाने का दावा करता है। अगर कोई व्यक्ति खुद से प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश करे, तो उसे महीनों तक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं और तब भी काम की कोई गारंटी नहीं।
इन आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर एक आवेदक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 300 रुपये देता दिखाई दे रहा है, जबकि वहां 500 रुपये फिक्स रेट बताया जा रहा है। 200 रुपये कम देने पर उसका दस्तावेज रोक लिया जाता है और उसे ऊपर तक बात करने की सलाह दी जाती है।
वीडियो में यह भी सुनाई देता है कि कोई व्यक्ति इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर रहा था, लेकिन कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ते ही वे उससे उलझ पड़ते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है और किसने बनाया है।
मीडिया द्वारा की गई पड़ताल में भी मौके पर मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यहां बिना पैसे कोई काम नहीं होता, और पैसे देने के बाद भी काम समय पर होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है।
मामले को लेकर जब जिला के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने जांच के लिए टीम गठित करने की पुष्टि की और कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर