आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को उम्रकैद, 2020 के दंगा में हुई थी हत्या
अंकित शर्मा की हत्या 25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुई थी। अगले दिन उनका शव एक नाले से बरामद हुआ था। हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की सजा पर शुक्रवार को फैसला आया. कोर्ट ने ताहिर को उम्रकैद की सजा सुनाई है. 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा की हत्या हुई थी. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 के दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में दिल्ली की अदालत ने यह बड़ा फैसला सुनाया है। हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने इस मामले में अन्य दोषियों को भी उनकी भूमिका के आधार पर सजा सुनाई।
इससे पहले अदालत ने 29 जुलाई को ताहिर हुसैन समेत कई आरोपियों को हत्या, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा फैलाने सहित भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था। सजा पर फैसला सुरक्षित रखने के बाद शुक्रवार को अदालत ने अपना आदेश सुनाया।
25 फरवरी 2020 को हुई थी हत्या
अंकित शर्मा की हत्या 25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुई थी। दंगों के अगले दिन उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों और चाकू के अनेक वार होने की पुष्टि हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में आरोप लगाया गया कि ताहिर हुसैन के मकान को दंगाइयों के लिए अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, वहां से पेट्रोल बम, ईंट-पत्थर और अन्य सामान जमा कर हिंसा को अंजाम दिया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दावा किया कि इसी सुनियोजित हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या की गई।
बचाव पक्ष ने आरोपों से किया था इनकार
मुकदमे के दौरान ताहिर हुसैन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी माना।
कई मामलों में आरोपी हैं ताहिर हुसैन
ताहिर हुसैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ हिंसा, हत्या, आगजनी और दंगा भड़काने समेत कई गंभीर आरोपों में अलग-अलग मुकदमे चल रहे हैं। इसके अलावा, वह हाल के वर्षों में चुनाव भी लड़ चुके हैं और लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अंकित शर्मा हत्याकांड को दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जाता है। अदालत के इस फैसले को 2020 के दंगों से जुड़े महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों में शामिल माना जा रहा है।