चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार का गेहूं को लेकर बड़ा फैसला, एक्सपोर्ट पर लगी रोक हटाई

सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि गेहूं से जुड़े उत्पादों के निर्यात पर लगी पाबंदियां भी हटा दी हैं। इसमें गेहूं का आटा, मैदा, सूजी और होलमील आटा शामिल हैं। इन उत्पादों के निर्यात की नीति में भी बदलाव करते हुए इन्हें मुक्त श्रेणी में रखा गया है।

Wheat Export Ban Lifted
Wheat Export Ban Lifted - फोटो : news4nation

Weat Export :  चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने अब गेहूं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गेहूं और इसके उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इसके साथ ही गेहूं के निर्यात की नीति को ‘प्रतिबंधित’ (Prohibited) से बदलकर ‘मुक्त’ (Free) कर दिया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले से अब भारतीय गेहूं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसानी से निर्यात किया जा सकेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।


आटा, मैदा और सूजी के निर्यात पर भी रोक हटी

सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि गेहूं से जुड़े उत्पादों के निर्यात पर लगी पाबंदियां भी हटा दी हैं। इसमें गेहूं का आटा, मैदा, सूजी और होलमील आटा शामिल हैं। इन उत्पादों के निर्यात की नीति में भी बदलाव करते हुए इन्हें मुक्त श्रेणी में रखा गया है।


2022 में लगाया गया था निर्यात प्रतिबंध

भारत ने मई 2022 में गेहूं के निर्यात पर रोक लगाई थी। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने और घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने यह कदम उठाया था। हालांकि, फरवरी में सरकार ने सीमित मात्रा में 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की अनुमति दी थी। अब सरकार ने पूरी तरह से निर्यात प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है।


इस साल 110-120 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 में भारत का गेहूं उत्पादन 110 से 120 मिलियन टन के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान भी हुआ है। रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस साल गेहूं का उत्पादन करीब 110.65 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया है। यह 2024-25 में हुए 109.63 मिलियन टन उत्पादन से थोड़ा अधिक है।


वहीं, 31 मार्च तक सरकारी गेहूं भंडार 22.2 मिलियन टन था। केंद्र के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय गेहूं की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।