Fake Egg: क्या बाजार में बिक रहे हैं नकली अंडे? जानें कैसे पहचानें असली अंडा, इन तरीकों से करें जांच
Fake Egg: क्या अंडे सच में प्लास्टिक या नकली हो सकते हैं? जानिए घर पर अंडे की ताजगी जांचने के आसान तरीके और क्यों केवल रंग, चमक या बनावट देखकर अंडे को नकली नहीं माना जा सकता।
Fake Egg: अंडा भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में खाया जाने वाला आम और पौष्टिक भोजन है। नाश्ते से लेकर कई तरह की रेसिपी तक, अंडे का इस्तेमाल रोजाना के खाने में किया जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। लेकिन मिलावट को लेकर बढ़ती चिंता के बीच कई लोगों के मन में बाजार में मिलने वाले अंडों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते हैं।
सोशल मीडिया पर समय-समय पर प्लास्टिक या नकली अंडों के वीडियो भी वायरल होते रहते हैं। इन्हें देखकर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या सच में नकली अंडे बाजार में बिक रहे हैं और असली अंडे की पहचान घर पर कैसे की जा सकती है?
क्या होते हैं नकली या प्लास्टिक अंडे?
नकली या प्लास्टिक अंडे उन मानव निर्मित चीजों को कहा जाता है, जिन्हें असली अंडे जैसा दिखाने की कोशिश की जाती है। सोशल मीडिया पर इनके बारे में कई तरह के दावे किए जाते हैं। हालांकि, सिर्फ अंडे का अलग दिखना या पकने के बाद उसकी बनावट बदल जाना इस बात का सबूत नहीं है कि वह नकली है। अंडे की बनावट में बदलाव कई दूसरे कारणों से भी हो सकता है। लंबे समय तक रखने, गलत तापमान में स्टोर करने या अंडे की गुणवत्ता खराब होने से उसके सफेद हिस्से और पीले हिस्से में बदलाव आ सकता है। इसलिए केवल देखकर किसी अंडे को प्लास्टिक या नकली बताना सही नहीं है।
अंडे की ताजगी जांचना क्यों जरूरी है?
अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। एक सामान्य अंडे में करीब 6 से 7 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। इसमें विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं, लेकिन खराब या दूषित अंडा खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है। इससे पेट दर्द, उल्टी, दस्त और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
घर पर अंडे की ताजगी कैसे जांचें?
घर पर अंडे की ताजगी और खराब होने के संकेतों का सामान्य अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, किसी अंडे को पूरी तरह नकली साबित करने के लिए घरेलू तरीके भरोसेमंद नहीं हैं। इसके लिए लैब टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है।
अंडे को हिलाकर देखें
अंडे को कान के पास ले जाकर हल्के से हिलाने पर अगर अंदर ज्यादा हलचल या आवाज महसूस होती है, तो यह अंडे के पुराने होने का संकेत हो सकता है। ताजे अंडे में आमतौर पर अंदर की सामग्री ज्यादा स्थिर रहती है, लेकिन यह तरीका भी अंडे के नकली या असली होने का पक्का सबूत नहीं है। इससे सिर्फ अंडे की ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
छिलके की सतह देखें
अंडे के छिलके की सतह हल्की खुरदरी या दानेदार हो सकती है। अलग-अलग मुर्गियों और अंडों में छिलके की बनावट अलग हो सकती है। इसलिए बहुत चिकना या चमकदार छिलका देखकर अंडे को नकली नहीं माना जा सकता। अगर अंडे पर कोई असामान्य परत, गंदगी, दरार या खराबी दिखाई दे रही है, तो उसे खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
अंडा तोड़कर गंध जांचें
खराब अंडे की पहचान का एक आसान संकेत उसकी गंध है। अंडा तोड़ने के बाद अगर उससे तेज या सड़ी हुई गंध आती है, तो उसे नहीं खाना चाहिए। अंडे का रंग या बनावट सामान्य से अलग दिखने पर भी सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे अंडे को दूसरे खाने में मिलाने के बजाय फेंक देना सुरक्षित विकल्प है।
क्या छिलके का रंग देखकर असली या नकली अंडा पहचान सकते हैं?
नहीं। अंडे के छिलके का रंग यह तय नहीं करता कि अंडा असली है या नकली। अंडे सफेद, ऑफ-व्हाइट, हल्के भूरे और गहरे भूरे रंग के हो सकते हैं। यह रंग मुख्य रूप से मुर्गी की नस्ल और दूसरे जैविक कारणों पर निर्भर करता है। इसी तरह, अंडे की जर्दी का रंग भी मुर्गी के खाने और दूसरे कारणों से अलग हो सकता है। इसलिए केवल रंग, चमक या बनावट देखकर अंडे को नकली बताना सही नहीं है।
क्या घर पर नकली अंडे की पक्की पहचान हो सकती है?
घर पर किए जाने वाले शेक टेस्ट, गंध और छिलके की जांच से अंडे की ताजगी या खराब होने का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन इनसे यह साबित नहीं किया जा सकता कि अंडा “प्लास्टिक” या नकली है। अगर किसी अंडे की गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह है, तो उसे खाने से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त लैब से जांच करानी चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो को देखकर तुरंत किसी अंडे को नकली मान लेना सही नहीं है।