CNG-PNG New Rate: नए साल में गैस उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत, 1 जनवरी से CNG-PNG के दामों में भारी गिरावट, जानिए नया रेट

CNG-PNG New Rate: नए साल में मोदी सरकार गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। 1 जनवरी से सीएमजी और पीएनजी के दामों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। साल के पहले दिन से ही उपभोक्ताओं को बड़ी खुशखबरी मिलेगी।

सीएनजी-पीएनजी
CNG-PNG के घटेंगे दाम - फोटो : social media

CNG-PNG New Rate: नए साल के पहले दिन ही देशभर के करोड़ों गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। 1 जनवरी से सीएनजी और पीएनजी के दामों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। देशभर में सीएनजी और पीएनजी के दामों में कमी देखने को मिलेगी। जानकारी अनुसार पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने टैरिफ रैशनलाइजेशन का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। 

1 जनवरी से बड़ी राहत 

इस नए टैरिफ स्ट्रक्चर से CNG और घरेलू PNG उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 2 से 3 रुपये तक की बचत होने की उम्मीद है। PNGRB के सदस्यों की मानें तो नए यूनिफाइड टैरिफ से गैस की ट्रांसपोर्टेशन लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा।  यह बचत ट्रांसपोर्ट सेक्टर से लेकर घरेलू रसोई तक दिखाई देगी। नया टैरिफ स्ट्रक्चर देश के 312 भौगोलिक क्षेत्रों में कार्यरत 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों पर लागू होगा। इससे CNG से चलने वाले वाहनों के उपभोक्ताओं और PNG इस्तेमाल करने वाले घरों दोनों को राहत मिलेगी

तीन की जगह दो जोन में बंटा टैरिफ

रेगुलेटर ने टैरिफ सिस्टम को सरल बनाते हुए जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है। वर्ष 2023 के टैरिफ सिस्टम में दूरी के आधार पर तीन जोन तय थे। 200 किलोमीटर तक 42 रुपये, 300 से 1,200 किलोमीटर तक 80 रुपये और 1,200 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 107 रुपये। वहीं नई व्यवस्था के तहत अब केवल दो जोन होंगे। जोन-1 पूरे देश में CNG और घरेलू PNG उपभोक्ताओं पर लागू होगा। जिसके लिए 54 रुपये की दर तय की गई है। यह दर पहले 80 से 107 रुपये तक थी, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।

सरकार का क्या है प्लान 

वहीं सरकार ने निर्देश दिया है कि कम दरों का लाभ सीधे आम उपभोक्ताओं तक पहुंचे, जिसकी निगरानी रेगुलेटरी बोर्ड करेगा। जानकारी अनुसार PNGRB की भूमिका केवल रेगुलेटर की नहीं, बल्कि कंज्यूमर्स और ऑपरेटर्स के हितों के बीच संतुलन बनाने वाले फेसिलिटेटर की भी है। सरकार का लक्ष्य पूरे देश में प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसी दिशा में सब्सिडाइज्ड और रैशनलाइज्ड गैस उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत कई राज्यों ने वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) में कमी की है और परमिशन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है।