बिहार के किसानों की बल्ले-बल्ले: अब MSP पर बिकेंगे चना और सरसों, केंद्र ने दी 76,000 टन से अधिक खरीद की मंजूरी

बिहार में रबी सीजन 2026 के लिए चना, मसूर और सरसों की MSP पर खरीद को केंद्र की मंजूरी। जानें कितनी होगी खरीद और क्या है सरकार का लक्ष्य।

बिहार के किसानों की बल्ले-बल्ले: अब MSP पर बिकेंगे चना और सर

Patna - बिहार के किसानों के लिए रबी सीजन 2026 खुशियों की सौगात लेकर आया है, क्योंकि अब राज्य में दलहन और तेलहन फसलों की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद की जाएगी। केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

चना, मसूर और सरसों की होगी सरकारी खरीद

नई व्यवस्था के तहत रबी सीजन 2026 में मुख्य रूप से चना, मसूर और सरसों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' (MSP) के तहत किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित स्थिर कीमत मिलेगी, जिससे बाजार में कीमतों के अचानक गिरने का उन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। यह पहल किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाने और उनकी आय को स्थिरता प्रदान करने के लिए की गई है।

मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार को पत्र भेजकर इस मंजूरी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह पूरी खरीद प्रक्रिया 'मूल्य समर्थन योजना' (PSS) के तहत संचालित की जाएगी। इस योजना के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों से सीधे अनाज की खरीद करेंगे, जिससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहेगी।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज

रामकृपाल यादव ने जानकारी साझा की है कि राज्य में खरीद केंद्रों के माध्यम से फसल लेने की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र किसान को इस योजना का लाभ मिले और उन्हें उनकी फसल का भुगतान समय पर सीधे उनके खातों में प्राप्त हो सके। इसके लिए विभाग द्वारा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

खरीद के लिए तय किए गए आंकड़े

सरकार ने इस सीजन के लिए फसलों की खरीद की कुल मात्रा भी निर्धारित कर दी है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 16,750 टन चना, 32,000 टन मसूर और 28,000 टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। बिहार में पहले से ही धान, गेहूं, मक्का और मसूर की खरीद होती रही है, लेकिन अब चना और सरसों के जुड़ने से सरकारी खरीद का दायरा काफी व्यापक हो गया है।