Bihar News: बिहार पुलिस के 'दागी दारोगा जी' बर्खास्त, सोना और कैश गायब करने का लगा था आरोप, जानिए पूरी खबर
Bihar News: बिहार पुलिस के दागी दारोगा जी को बर्खास्त कर दिया गया है। दारोगा जी पहले भी घूस लेते हुए गिरफ्तार हुए थे वहीं वैशाली में छापेमारी के दौरान डेढ़ लाख किलो सोना और 15 लाख रुपए गायब करने का भी आरोप दारोगा जी पर था।
Bihar News: बिहार के वैशाली में सोना और कैश गायब करने के आरोपिच दारोगा पर गाज गिरी है। पुलिस मुख्यालय ने आरोपित दारोगा को बर्खास्त कर दिया है। दरअसल, मामला वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जहां छापेमारी के दौरान डेढ़ किलो सोना और 15 लाख रुपये गायब करने के मामले में आरोपित दारोगा सुमनजी झा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने शनिवार को उसकी बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।
घूसखोरी मामले में भी धड़ाएं
बर्खास्त दारोगा मधुबनी जिले के भेजा थाना क्षेत्र का निवासी है। सुमनजी झा पहले भी घूसखोरी के मामले में पकड़ा जा चुका था। मुजफ्फरपुर में 11 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा एसके मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर के ओपी में तैनाती के दौरान फर्दबयान लिखने के नाम पर वसूली के गंभीर आरोप में भी उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
छापेमारी में सोना और कैश गायब करने का आरोप
इसी साल जनवरी में लालगंज थाना क्षेत्र में एक चोरी के आरोपी के घर छापेमारी के दौरान सुमनजी झा पर करीब डेढ़ किलो सोना-चांदी और 15 लाख रुपये नकद गायब करने का आरोप लगा था। इस मामले में लालगंज थानेदार आदित्य कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से चोरी के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सोने-चांदी के आभूषण, भारी मात्रा में नकदी और हथियार बरामद किए थे। हालांकि थाने में दर्ज एफआईआर की जब्ती सूची में करीब डेढ़ किलो सोना-चांदी और 15 लाख रुपये नकद शामिल नहीं किए गए।
11 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था
बाद में स्थानीय लोगों की सूचना और कुछ फोटो-वीडियो के आधार पर इस मामले का खुलासा हुआ। छापेमारी की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई थी। इससे पहले वर्ष 2024 में मुजफ्फरपुर के सिवाइपट्टी थाना क्षेत्र से निगरानी विभाग की टीम ने सुमनजी झा को 11 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दो साल से चल रही विभागीय कार्रवाई में डीएसपी पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह ने उसे दोषी पाया और कार्रवाई की अनुशंसा की। जांच में सामने आया कि सिवाइपट्टी थाना क्षेत्र के टेंगरारी गांव के पवन कुमार से विवादित जमीन पर धारा 144 के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर सुमनजी झा ने रिश्वत मांगी थी।
अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई संभव
शिकायत के बाद चार सितंबर 2024 को निगरानी टीम ने बनघारा बाजार के पास उसे पवन कुमार से घूस लेते गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में उसे जेल भेजा गया था। बाद में जमानत मिलने के बाद उसने फिर से ज्वाइन किया और वैशाली के लालगंज थाने में उसकी तैनाती की गई थी। डीआईजी चंदन कुशवाहा ने कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सोना और नकदी गायब होने के मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।