Bihar Crime : थाने की नाक के नीचे चल रहा था 'हाईटेक' जुआ का अड्डा, छापेमारी कर पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 19 जुआरियों को किया गिरफ्तार
Bihar Crime : वैशाली में सदर अस्पताल के पीछे चल रहे 'हाईटेक' जुआ अड्डे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया है........पढ़िए आगे
VAISHALI : वैशाली जिला मुख्यालय के नगर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सदर अस्पताल के ठीक पीछे, थाने से महज कुछ ही दूरी पर बड़े स्तर पर जुआ खिलाया जा रहा था। स्थानीय पुलिस की लापरवाही का आलम यह था कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार की उन्हें भनक तक नहीं लगी। अंततः वैशाली एसपी हरकिशोर राय (सूचना के अनुसार एसपी विक्रमशिला) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर इस सिंडिकेट का पर्दाफाश किया।
ऑनलाइन जुए का 'डिजिटल' नेटवर्क
सदर वन डीएसपी सुबोध कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह सामान्य जुआ नहीं था, बल्कि इसे ऑनलाइन माध्यम से बेहद संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 19 जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस की धमक देखते ही करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग भागने में सफल रहे, जिनकी पहचान के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाल रही है।
नकदी, बाइक और वाउचर बरामद
पुलिस ने घटना स्थल से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। बरामद सामानों में 40 हजार रुपये से अधिक नकद, कैलकुलेटर, वाउचर, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और ताश के पैकेट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जुए के इस खेल में पैसों का हिसाब-किताब रखने के लिए बाकायदा वाउचर और कैलकुलेटर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो इसके पेशेवर तरीके से संचालित होने का प्रमाण है।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जमीन मालिक पर भी गाज
इस छापेमारी की सबसे बड़ी सफलता जुआ अड्डे के मुख्य मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी मानी जा रही है। पुलिस ने न केवल संचालक को दबोचा है, बल्कि उस जमीन के मालिक की भी तलाश शुरू कर दी है जहाँ यह अवैध अड्डा चल रहा था। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि इस पूरे गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची और जेल प्रेषण
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीनानाथ चौधरी, श्याम बाबू सिंह, गौतम कुमार, सौरभ कुमार, मिलन कुमार, गणेश साह, सुनील कुमार समेत कुल 19 लोग शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की है ताकि इस अवैध धंधे की जड़ों तक पहुँचा जा सके। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 19 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य अवैध संचालकों में हड़कंप मच गया है।
ऋषभ की रिपोर्ट