लोक कलाकारों की 21 वर्षों की लड़ाई हुई सफल, बाबा धर्मराज महोत्सव को मिला राजकीय दर्जा

बिहार सरकार द्वारा 'बाबा धर्मराज महोत्सव' को राजकीय दर्जा दिए जाने के फैसले पर अखिल भारतीय लोकगाथा भगैत महासभा ने खुशी व्यक्त की है और सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है.....

लोक कलाकारों की 21 वर्षों की लड़ाई हुई सफल, बाबा धर्मराज महो
बाबा धर्मराज महोत्सव को मिला राजकीय दर्जा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के सदर प्रखंड के चौघारा पंचायत भवन में अखिल भारतीय लोकगाथा भगैत महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक वार्षिक सभापति घीनाय यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बिहार सरकार द्वारा 'बाबा धर्मराज महोत्सव' को राजकीय दर्जा दिए जाने के फैसले पर खुशी व्यक्त की गई और सरकार के प्रति आभार प्रकट किया गया।


लोक संस्कृति और भगैत परंपरा को मिला ऐतिहासिक सम्मान: डॉ. अमन कुमार

महासभा के प्रवक्ता डॉ. अमन कुमार ने कहा कि बाबा धर्मराज महोत्सव को राजकीय दर्जा मिलने से बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति और सदियों पुरानी भगैत परंपरा को बड़ा सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि डुगडुगी की थाप और लोकगाथाओं के स्वरों को अब एक नई पहचान मिलेगी। यह सम्मान उन हजारों लोक कलाकारों के समर्पण का नतीजा है जो पीढ़ियों से इस परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं।


21 वर्षों के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद मिली बड़ी सफलता

महासभा पिछले 21 वर्षों से इस मांग को लेकर लगातार संघर्षरत थी। इस दौरान ज्ञापन सौंपने से लेकर पदयात्राओं तक का आयोजन किया गया। डॉ. अमन कुमार ने कहा कि यह जीत उन सभी लोक कलाकारों की है जिन्होंने अपना जीवन इस परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में समर्पित कर दिया। इससे बिहार की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।


सत्य और लोककल्याण के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प

बैठक में संकल्प लिया गया कि बाबा धर्मराज के सत्य, न्याय और लोककल्याण के संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए महासभा आगे भी निरंतर प्रयासरत रहेगी। इस दौरान मुख्य महंत गजेंद्र प्रसाद यादव, उपसभापति अनंत लाल यादव, सचिव परमेश्वरी प्रसाद समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय कलाकार उपस्थित रहे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट