सुपौल व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी समझौते से हुआ हजारों मामलों का निपटारा

Bihar News :सुपौल व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस लोक अदालत में ट्रैफिक चालान पर 50 प्रतिशत की भारी छूटमिली ....

सुपौल व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपस
सुपौल व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर शनिवार को सुपौल व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अदालत का विधिवत उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत कुमार सिंह, जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिले के तमाम वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को न्याय के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत कुमार सिंह ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जहां जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के बिना सौहार्दपूर्ण वातावरण में मामलों का त्वरित निष्पादन होता है। उन्होंने जोर दिया कि इससे न केवल पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है, बल्कि वर्षों से चल रहे कोर्ट के चक्करों से भी मुक्ति मिलती है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने लंबित विवादों को सुलझाने के लिए इस मंच का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि समाज में सद्भाव बना रहे।


जिलाधिकारी सावन कुमार ने लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे आम नागरिकों के लिए वरदान बताया। उन्होंने विशेष रूप से घोषणा की कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के लंबित मामलों पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस आर्थिक राहत का लाभ उठाकर लोग अपने पुराने चालानों का निपटारा कर सकते हैं। वहीं, पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस ने भी लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी और लंबित मामलों के समाधान को राहतकारी बताया।


राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन हेतु न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रकार के मामलों के लिए अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों पर सुलहनीय आपराधिक वाद, बैंक ऋण, बिजली बिल विवाद, पारिवारिक मामले, मोटर दुर्घटना दावा और भूमि विवादों की गहन सुनवाई हुई। सुबह से ही न्यायालय परिसर में फरियादियों की भारी भीड़ देखी गई, जहां न्यायिक पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की मदद से आपसी सहमति के आधार पर फाइलों का निपटारा किया गया।


लोक अदालत के समापन पर बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निष्पादन आपसी समझौते के साथ संपन्न हुआ। सचिव अफजल आलम ने बताया कि यहाँ लिए गए फैसले अंतिम होते हैं और इनके विरुद्ध कहीं अपील नहीं की जा सकती, जिससे विवादों का पूर्णतः अंत हो जाता है। वर्षों से न्यायालय की कार्यवाही में उलझे लोगों ने जब अपने मामलों का त्वरित समाधान पाया, तो उनके चेहरों पर संतोष की लहर देखी गई। अधिकारियों ने भविष्य में भी इसी तरह लोक अदालत के माध्यम से न्याय पाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट