सुपौल में कार्यपालक सहायकों की बैठक: अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान, कहा— 'अब आश्वासन नहीं, अधिकार चाहिए'
Supaul : बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की जिला इकाई सुपौल की बैठक स्थानीय बीएसएस कॉलेज परिसर में आयोजित की गई। जिला उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अगले 15 दिनों के भीतर जिले के सभी प्रखंडों और अनुमंडलों तक संगठन का विस्तार करने का निर्णय लिया गया।
प्रमुख मांगें और विरोध
बैठक में सभी विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायकों के लिए समूह स्वास्थ्य बीमा और कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने की मांग उठाई गई। संघ ने कार्यपालक सहायकों को हटाकर उनकी जगह आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मियों की सेवा लेने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, ईपीएफ और अवकाश जैसी वैधानिक सुविधाओं में अनियमितताओं के खिलाफ भी चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
मानदेय पुनर्निर्धारण पर नाराजगी
संघ ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में हुई शासी परिषद की बैठकों और उच्चस्तरीय वार्ताओं में मानदेय बढ़ाने तथा उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
अक्टूबर में राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकार और सेवा-सुरक्षा चाहिए। अक्टूबर 2026 में राज्य संघ के आह्वान पर सुपौल जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायक राज्यव्यापी आंदोलन में शामिल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर इस आंदोलन को और व्यापक बनाते हुए पटना में सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से मांगें रखी जाएंगी। पिछले करीब 15 वर्षों से संविदा के आधार पर महत्वपूर्ण सरकारी कार्य कर रहे कर्मियों ने सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देने की मांग की है।
विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट