ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग और ई-मापी में लाएं तेजी, कोसी आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग और ई-मापी में लाएं त
आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : कोसी प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार (सुपौल) में सहरसा, सुपौल एवं मधेपुरा जिले की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तीनों जिलों के राजस्व, विकासात्मक योजनाओं, सीसीटीवी अधिष्ठापन तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों की प्रगति का गहन जायजा लिया गया। बैठक में सुपौल डीएम सावन कुमार, सहरसा डीएम दीपेश कुमार, मधेपुरा डीएम अभिषेक रंजन, सुपौल एसपी शरथ आर.एस. और सहरसा एसपी विक्रम सिहाग सहित तीनों जिलों के वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।


राजस्व कार्योंआधार सीडिंग और ई-मापी में तेजी लाने के निर्देश 

बैठक में आयुक्त ने राजस्व से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन और आधार सीडिंग के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने परिमार्जन प्लस तथा डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर बल दिया। विशेष रूप से सुपौल जिले में ई-मापी अभियान चलाकर पूरा करने, जमाबंदी में लगान अपडेट करने और खाता, खेसरा व रकबा रहित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा।


अभियान बसेरा-एवं लोक शिकायत निवारण की समीक्षा 

बैठक के दौरान 'अभियान बसेरा-2' के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का जायजा लेते हुए आयुक्त ने पात्र लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके अलावा, सेवा संवाद समाधान और बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दर्ज आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।


कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में दें 

विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी वंचित न रहे।


गंभीर कांडों में त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी का आदेश 

विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने तीनों जिलों के पुलिस कप्तानों को गंभीर कांडों के अभियुक्तों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, न्यायालय से जारी वारंटों के निष्पादन और नीलाम पत्र (सर्टिफिकेट केस) से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने पर विशेष जोर दिया गया।

विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट