सुपौल परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक निलंबित, अनधिकृत अनुपस्थिति समेत फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने का गंभीर आरोप

सुपौल परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक निलंबित
सुपौल परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक निलंबित- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

Supaul : जिले के निर्मली प्रखंड स्थित परियोजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक अव्यवस्था को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। बीईओ (BEO) निर्मली की जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रूपेश कुमार पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया गया है। 1 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:14 बजे किए गए औचक निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक विद्यालय से नदारद पाए गए थे, जबकि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर कार्यालय कार्य के नाम पर 'Mark On Duty' दर्ज था।


जुलाई से सितंबर के बीच कई दिनों तक अनधिकृत अनुपस्थिति 

जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानाध्यापक बिना किसी सक्षम अनुमति के विद्यालय से लगातार गायब रहते थे। उन पर जुलाई 2026 में 14 दिन, अगस्त में 7 दिन और सितंबर में 7 दिन तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का आरोप है। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर भी उनकी अनुपस्थिति दर्ज पाई गई, जिसे विभाग ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है।


222 नामांकित छात्राओं में मौके पर मिलीं सिर्फ 59, रजिस्टर में दर्ज थी 161 की उपस्थिति 

निरीक्षण के दौरान छात्राओं की उपस्थिति पंजी (Attendance Register) और धरातल की स्थिति में भारी गड़बड़ी पाई गई। विद्यालय में कुल 222 छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से रजिस्टर में 161 छात्राओं की उपस्थिति दर्ज थी। हालाँकि, जब भौतिक सत्यापन किया गया तो मौके पर केवल 59 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। इस बड़े फर्जीवाड़े को लेकर विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।


छात्राओं ने खोली पोल: न नियमित पढ़ाई, न पेयजल व पंखे; आईसीटी लैब भी बंद 

निरीक्षण टीम से बातचीत में छात्राओं ने बताया कि स्कूल में समय-सारणी के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होती हैं। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल और कक्षाओं में जरूरत के अनुसार पंखों का घोर अभाव है। वहीं, सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा के लिए स्थापित ICT लैब का नियमित इस्तेमाल न होने की बात भी उजागर हुई है।


विशिष्ट शिक्षक नियमावली के तहत निलंबन, प्रतापगंज बना मुख्यालय 

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुपौल ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधन) नियमावली, 2024 के तहत कार्रवाई करते हुए रूपेश कुमार पाठक को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, प्रतापगंज तय किया गया है, जहाँ उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभाग जल्द ही अलग से प्रपत्र 'क' (आरोप पत्र) गठित कर विस्तृत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेगा।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट