बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज : जिला प्रशासन ने कसी कमर, समय से पहले मुकम्मल होंगी तैयारियां

संभावित बाढ़-2026 की आहट को देखते हुए सुपौल जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता मो. तारिक ने सुपौल अंचल क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की

बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज : जिला प्रशासन ने कसी कमर, समय
सुपौल में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : संभावित बाढ़-2026 की आहट को देखते हुए सुपौल जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता मो. तारिक ने सुपौल अंचल क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पूर्व की जा रही सभी तैयारियों और संसाधनों की उपलब्धता की बारीकी से समीक्षा की। अपर समाहर्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि बाढ़ जैसी आपदा के समय आम जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां समय सीमा के भीतर हर हाल में मुकम्मल कर ली जाएं।


आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियां दो दिनों में पूरी करने का अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न डिजिटल बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने अंचल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर नए लाभुकों के डेटा एंट्री का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने दोटूक कहा कि पोर्टल पर जितनी भी प्रविष्टियां लंबित हैं, उन्हें अगले दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के त्वरित सरकारी सहायता और राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।


नावों के अनिवार्य निबंधन और सत्यापन को लेकर राजस्व कर्मियों को निर्देश

बाढ़ के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए नावों की उपलब्धता और उनके निबंधन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अपर समाहर्ता ने सभी राजस्व कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी तुरंत नाव मालिकों से संपर्क कर सभी नावों का निबंधन और भौतिक सत्यापन का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराएं। बाढ़ के समय नावें ही आवागमन और जीवन रक्षा का सबसे बड़ा माध्यम होती हैं, इसलिए उनकी परिचालन व्यवस्था पहले से दुरुस्त रहनी चाहिए।


सामुदायिक रसोई की तैयारी और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर

आपदा के समय विस्थापित होने वाले लोगों के लिए अपर समाहर्ता ने सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) केंद्रों के संचालन की तैयारियों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि विभागीय गाइडलाइंस के मुताबिक राशन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की सूची पहले से तैयार रखी जाए। अंचल के अधिकारियों को सभी महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों और संसाधनों को अपडेट रखने को कहा गया है ताकि आपातकाल में किसी भी प्रकार की सामग्री की किल्लत न हो।


बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय से जान-माल की क्षति कम करने का लक्ष्य

अपर समाहर्ता ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावितों को समय पर मदद पहुंचाना और जान-माल के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार, सुपौल अंचल अधिकारी (CO) आनंद कुमार मंडल, जिला आपदा कार्यालय के प्रोग्रामर शैलेंद्र कुमार सहित सभी राजस्व कर्मचारी और अंचल के कर्मी मौजूद रहे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट