Bihar News: सुपौल में चला बुलडोजर अभियान, सड़क किनारे दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, रोज़ी-रोटी पर मंडरा रहा संकट

Bihar News: सड़क किनारे वर्षों से फल और सब्जी की दुकान लगाकर कारोबार कर रहे दर्जनों दुकानदारों को हटाते हुए इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

Supaul Bulldozer operation
सुपौल में चला बुलडोजर अभियान- फोटो : reporter

Bihar News: सड़क किनारे वर्षों से फल और सब्जी की दुकान लगाकर कारोबार कर रहे दर्जनों दुकानदारों को हटाते हुए इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।  सुपौल शहर में शुक्रवार को सियासी और सामाजिक हलचल उस वक्त तेज हो गई जब सुपौल के  लोहियानगर चौक पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया। सड़क किनारे वर्षों से फल और सब्जी की दुकान लगाकर कारोबार कर रहे दर्जनों दुकानदारों को हटाते हुए इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान हल्की नोकझोंक जरूर हुई, मगर हालात काबू में रहे।

प्रशासन का कहना है कि चौक पर बढ़ते जाम और अव्यवस्थित यातायात ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। एम्बुलेंस और स्कूली वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि शहर को जाम मुक्त रखना और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

दूसरी तरफ, हटाए गए दुकानदारों का दर्द भी कम नहीं है। उनका कहना है कि वे लंबे अरसे से यहां दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अचानक की गई इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। कई दुकानदारों ने इल्जाम लगाया कि बिना पूर्व सूचना के उन्हें हटाया गया, जिससे उनका सामान भी नुकसान में चला गया।

दुकानदारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें वैकल्पिक स्थान मुहैया कराया जाए, ताकि उनका कारोबार जारी रह सके। उनका तर्क है कि वे भी शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं और मेहनत-मजदूरी से अपना गुजारा करते हैं।

स्थानीय लोगों का एक तबका प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है। उनका कहना है कि चौक पर हर रोज लगने वाले जाम से आम राहगीरों को भारी परेशानी होती थी। अब अतिक्रमण हटने के बाद राहत की उम्मीद जगी है।

सुपौल में यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि प्रशासन अब सख्ती के मूड में है। सवाल यह है कि क्या जाम से राहत और रोज़गार के बीच कोई संतुलित रास्ता निकलेगा, या यह टकराव आगे और गहराएगा?

रिपोर्ट-  विनय कुमार मिश्र