Bihar Administrative Action : लापरवाही पर बड़का साहेब का चला हंटर, पांच नगर निकायों के अफसरों का वेतन बंद

Bihar Administrative Action: सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत संचालित योजनाओं की रफ्तार सुस्त रहने पर जिला प्रशासन ने सख्त तेवर अपना लिए हैं।...

Bihar Administrative Action
लापरवाही पर चला हंटर- फोटो : X

Bihar Administrative Action: सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत संचालित योजनाओं की रफ्तार सुस्त रहने पर जिला प्रशासन ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की बेहद कम प्रविष्टि और कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर सुपौल जिले के पांच नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने संबंधित अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का फरमान जारी किया है। जवाब सौंपने और उस पर अंतिम निर्णय होने तक वेतन स्थगित रहेगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से नगर निकायों में हड़कंप मच गया है।

कहीं दो तो कहीं तीन योजनाएं, प्रशासन ने जताई नाराजगी

उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के नोडल पदाधिकारी ने कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की प्रविष्टि की स्थिति का ब्योरा पेश किया। समीक्षा में योजनाओं की संख्या काफी कम मिलने पर प्रशासन ने नाराजगी जाहिर की।आंकड़ों के मुताबिक, नगर पंचायत पिपरा से अब तक महज दो योजनाएं प्राप्त हुई हैं। नगर पंचायत निर्मली से भी सिर्फ दो योजनाएं मिली हैं। वहीं, नगर पंचायत सिमराही से तीन, नगर परिषद त्रिवेणीगंज से चार और नगर पंचायत वीरपुर से आठ योजनाएं प्राप्त हुई हैं। इन योजनाओं की पोर्टल पर प्रविष्टि कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल

जिला प्रशासन ने योजनाओं की कम उपलब्धि पर असंतोष जताते हुए कहा कि संबंधित नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों की अपेक्षित सक्रियता नहीं दिख रही है। इसी वजह से कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की प्रविष्टि का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इसका सीधा असर अभियान के तहत निर्धारित कार्यों की प्रगति पर पड़ रहा है।

तीन दिनों में देना होगा जवाब, तब तक वेतन पर रोक

जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को अपने-अपने नगर निकाय क्षेत्रों में योजनाओं को चिह्नित कर उनकी प्रविष्टि कायाकल्प पोर्टल पर सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के नोडल पदाधिकारी से समन्वय स्थापित करने और योजनाओं का क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करेंगे। जवाब मिलने और उस पर अंतिम निर्णय होने तक उनका वेतन स्थगित रहेगा।

लापरवाही पर जवाबदेही तय करने का संदेश

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है। वेतन स्थगित किए जाने से साफ संदेश दिया गया है कि योजनाओं की प्रगति में ढिलाई और पोर्टल पर जरूरी प्रविष्टि में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। अब निगाहें संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

रिपोर्ट- विनय कुमार मिश्रा