सीवान जेल में बंदी की मौत पर बवाल: परिजनों का पिटाई से हत्या का आरोप, सदर अस्पताल में झड़प

सीवान जेल में बंद एक 55 वर्षीय बंदी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। मृतक के परिजनों ने जेल के अंदर उसकी बुरी तरह पिटाई करने से मौत होने का आरोप लगाया है....

सीवान जेल में बंदी की मौत पर बवाल: परिजनों का पिटाई से हत्या
सीवान जेल में बंदी की मौत पर बवाल- फोटो : ताबिश इरशाद

Siwan : जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मर्दापुर गांव के रहने वाले लगभग 55 वर्षीय विश्वनाथ चौहान की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, गत 22 जुलाई को अपने ही पाटीदारों के साथ उनका जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में पाटीदारों द्वारा मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


पोस्टमार्टम के लिए शव लाते ही भड़का परिजनों का गुस्सा 

जेल में विश्वनाथ चौहान की मौत के बाद जब उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल लाया गया, तो इसकी खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का साफ दावा है कि जेल प्रशासन और पुलिस कर्मियों द्वारा जेल के अंदर बुरी तरह पिटाई किए जाने के कारण ही उनकी जान गई है।


अस्पताल में जेल सिपाही से मारपीट का आरोपगिरफ्तारी की मांग 

सदर अस्पताल में परिजनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब परिजनों और जेल कर्मियों के बीच सीधी बहस हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल में तैनात सिपाही सुनील कुमार ने सदर अस्पताल परिसर में ही उनके साथ मारपीट की। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने संबंधित सिपाही की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर भारी हंगामा किया।


प्रशासनिक पहल और पुलिस बल की मौजूदगी से शांत हुआ मामला 

अस्पताल परिसर में लंबे समय तक चले हंगामे और तनावपूर्ण माहौल की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर और निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर स्थिति को नियंत्रित किया।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ होगी मौत की वजह 

विश्वनाथ चौहान की मौत की असली वजह क्या थी, यह अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


ताबिश इरशाद की रिपोर्ट