सिवान में पुलिस का 'कुर्की महाभियान': 10 कुख्यात अपराधियों पर गिरी गाज, खौफ में दो ने किया सरेंडर

सिवान में एक साथ 10 बड़े वांछित अपराधियों के घरों पर चली कुर्की की कार्रवाई। पुलिस का खौफ ऐसा कि पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के आरोपी लड्डन और खान ब्रदर्स के करीबी भू-माफिया समीम असगर ने खुद पुलिस के सामने घुटने टेक दिए

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सिवान पुलिस का कुर्की महाभियान 10 कुख्यातों पर गिरी गाज- फोटो : Reporter

सिवान। जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'कुर्की महाभियान' काल बनकर टूटा है। पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देश पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ 10 कुख्यात और लंबे समय से वांछित अपराधियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश और न्यायालय से जारी आदेशों के आलोक में शुरू हुई इस मुहिम से अपराधी जगत में हड़कंप मच गया है। पुलिस की यह कार्रवाई इतनी आक्रामक और असरदार रही कि कानून को ठेंगा दिखाने वाले दो बड़े माफियाओं के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने आनन-फानन में पुलिस के सामने घुटने टेक दिए।


चौतरफा एक्शन: कई थानों की पुलिस ने एक साथ दी दबिश, कुख्यातों की संपत्ति जब्त

जिले के मुफ्फसिल, नगर, और हुसैनगंज समेत कई थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने एक साथ मोर्चा संभाला। जिन 10 वांछित अपराधियों के घरों पर ढोल-नगाड़ों के साथ कुर्की की कार्रवाई की गई, वे लंबे समय से न तो अदालत में पेश हो रहे थे और न ही पुलिस की गिरफ्त में आ रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों के घरों से चौखट-किवाड़ से लेकर सारा कीमती सामान बाहर निकाला, उनकी विधिवत सूचियाँ बनाईं और गाड़ियों पर लादकर ले गई। सिवान पुलिस के इस कड़े रुख से फरार चल रहे अन्य अपराधियों में भी खलबली मची हुई है।


राजदेव रंजन हत्याकांड का आरोपी लड्डन धड़ाम: कुर्की शुरू होते ही नगर थाने में किया आत्मसमर्पण

इस पूरे महाभियान में दो मामलों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जिनमें से पहला नाम कुख्यात लड्डन उर्फ अजहरूद्दीन (निवासी रामनगा, थाना हुसैनगंज) का है। लड्डन कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक— वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड का मुख्य आरोपी रहा है। वर्षों जेल की सलाखों के पीछे गुजारने के बाद वह कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था और दोबारा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया था। लेकिन जैसे ही पुलिस उसके घर कुर्की करने पहुंची, उसके होश उड़ गए और उसने तुरंत भागकर नगर थाना में आत्मसमर्पण कर दिया।


खान ब्रदर्स का करीबी समीम असगर भी बेदम: पुलिस ने घर खाली कराया तो थावे में किया सरेंडर

कार्रवाई का दूसरा बड़ा झटका खान ब्रदर्स (अयूब और रईस खान गिरोह) के करीबी रिश्तेदार और कुख्यात भू-माफिया समीम असगर (निवासी पुरानी किला, सिवान शहर) को लगा। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल समीम के घर धावा बोलने पहुंचा। पुलिस ने जैसे ही उसके घर का सामान निकालकर पिकअप वैन पर लोड करना शुरू किया, समीम चौतरफा दबाव झेल नहीं पाया। कानून के इस शिकंजे से बचने के लिए उसने भागकर पड़ोसी जिले गोपालगंज के थावे थाना में जाकर सरेंडर कर दिया।


करोड़ों की हेराफेरी: जमीनों के फर्जीवाड़े और संगठित अपराध का मुख्य मोहरा था समीम

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, समीम असगर बेहद शातिर दिमाग अपराधी है जिसने जमीन के नाम पर सैकड़ों मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी है। वह एक ही जमीन के प्लॉट की तीन-तीन बार रजिस्ट्री कर देता था, तो कभी पैसे लेकर फर्जी बैनामा थमा देता था। कुख्यात अयूब खान की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की थी, तो सिवान के बड़े भू-माफियाओं की जो गुप्त सूची सामने आई थी, उसमें समीम का नाम प्रमुखता से दर्ज था। पुलिस अब इसे संगठित अपराध और अवैध प्रॉपर्टी सिंडिकेट से जोड़कर कड़ाई से जांच कर रही है।


साफ संदेश: 10 के घर दस्तक, दो ने डाले हथियार, बाकी अपराधियों की भी बारी जल्द

सिवान पुलिस के इस कड़े एक्शन ने साफ संदेश दे दिया है कि जिले में कानून का राज चलेगा और अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है। '10 के घर दस्तक दी और दो ने तुरंत हथियार डाल दिए' वाले इस फॉर्मूले से पुलिस ने फरार अपराधियों की कमर तोड़ दी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह अभियान अभी रुकने वाला नहीं है। पुलिस कप्तान के साफ निर्देश हैं कि जो भी अपराधी न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर फरार चल रहे हैं, उनकी संपत्ति को इसी तरह कुर्क कर नीलाम किया जाएगा और बहुत जल्द बाकी बचे अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

रिपोर्ट - ताबिश