सीवान में CM सम्राट चौधरी के दौरे से पहले बड़ा हादसा, 11000 वोल्ट का तार गिरने से 6 घायल
बिहार के सीवान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन से ठीक पहले एक बड़ा हादसा हो गया है। शहर में 11000 वोल्ट का हाईटेंशन तार गिरने से 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सीवान दौरे से महज कुछ घंटे पहले सोमवार को शहर में एक बड़ा हादसा हो गया। सीवान शहर के व्यस्त इलाके में शुमार नया बाजार हॉस्पिटल मोड के चूहाट गली के सामने अचानक 11000 वोल्ट का हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर गिर गया। इस वीआईपी मूवमेंट से पहले हुए हादसे के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे और बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना के समय सड़क और आसपास के क्षेत्र में लोगों की मौजूदगी थी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाईटेंशन तार की चपेट में आने से 6 लोग गंभीर रूप से घायल
हाईटेंशन तार के अचानक टूटकर गिरने से उसकी चपेट में आने के कारण कुल 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। तार गिरते ही जोरदार चिंगारी उठी और वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ से किसी तरह बिजली कटवाई और झुलसे हुए सभी पीड़ितों को तुरंत वहां से निकाला। घायलों में कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

सदर अस्पताल में इलाज जारी, डॉक्टरों की टीम तैनात
सभी 6 घायल व्यक्तियों को तुरंत इलाज के लिए सीवान के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अस्पताल प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था, इसलिए घायलों के पहुंचते ही डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने तुरंत उनका आपातकालीन उपचार शुरू कर दिया। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी खुद इलाज की निगरानी कर रहे हैं ताकि घायलों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
इस हादसे ने वीआईपी दौरे की तैयारियों के बीच बिजली विभाग के रखरखाव और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब कल मुख्यमंत्री का आगमन होने वाला है, तो उससे पहले रूट और बिजली के तारों की जांच क्यों नहीं की गई थी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है और जर्जर तारों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
रिपोर्ट - ताबिश इरशाद