Bihar News: इफ-बट नहीं, अब सिर्फ़ रिजल्ट, सुबह-सुबह एक्शन मोड में डीएम प्रतिभा रानी, औचक निरीक्षण से टूटी अफसरशाही की नींद
Bihar News: डीएम प्रतिभा रानी ने साफ कहा है कि अब कामकाज में इफ-बट की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बहानेबाज़ी, तकनीकी अड़चन या स्टाफ की कमी का रोना अब नहीं चलेगा। ...
Bihar News: शिवहर की सियासी और प्रशासनिक फिज़ा गुरुवार की सुबह अचानक गरमा गई, जब जिलाधिकारी प्रतिभा रानी पूरे तेवर में मैदान में उतर आईं। पूरनहिया प्रखंड की पंचायतों में एग्री स्टैक परियोजना के तहत चल रहे फार्मर रजिस्ट्री और e-KYC कार्यों को लेकर डीएम ने मिशन मोड में लगे विशेष कैंपों का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के डीएम के पहुंचते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और अफसरों की पेशानी पर पसीना साफ नजर आया।
निरीक्षण के दौरान डीएम प्रतिभा रानी ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया कि अब कामकाज में इफ-बट की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कैंप में आने वाला हर किसान और आम नागरिक समय पर अपना काम पूरा कराए, यही प्रशासन की जवाबदेही है। बहानेबाज़ी, तकनीकी अड़चन या स्टाफ की कमी का रोना अब नहीं चलेगा। डीएम के इस सियासी-सख्त संदेश को मौके पर मौजूद अधिकारियों ने गंभीरता से सुना।
डीएम ने सिर्फ काग़ज़ों की समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कैंप में मौजूद किसानों और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। लोगों ने जब तकनीकी दिक्कतों, सर्वर स्लो होने और बेवजह देरी की शिकायतें रखीं, तो डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित कर्मियों को फटकार लगाई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए। साफ कहा कि सरकार की योजना ज़मीन पर असर दिखानी चाहिए, फाइलों में नहीं।
प्रतिभा रानी ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री और e-KYC राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाएं हैं और इनमें लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पंचायतों में कैंप नियमित रूप से संचालित हों, पर्याप्त कर्मियों की तैनाती रहे और किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। प्रशासन का काम जनता को राहत देना है, न कि उन्हें परेशान करना।
डीएम के अचानक निरीक्षण और सख्त रुख से साफ संदेश चला गया है कि शिवहर में अब कामकाज का तरीका बदल रहा है। अफसरों और कर्मचारियों पर लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने का दबाव साफ दिखाई देने लगा है। सियासी गलियारों और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में ऐसे औचक निरीक्षण और भी तेज होंगे। कुल मिलाकर, शिवहर में डीएम का यह एक्शन मोड अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि प्रशासनिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
शिवहर से मनोज कुमार की रिपोर्ट