Bihar Politics: बिहार की सियासत में नया शोर, सांसद लवली ने मुख्यमंत्री से की अपील,कहा- मुख्यमंत्री अपने फैसले पर करे पुन: विचार
Bihar Politics: सांसद लवली आनंद के ताजा बयान ने हुकूमत, विरासत और नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।....
Bihar Politics: शिवहर से उठी सियासी हलचल ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। सांसद लवली आनंद के ताजा बयान ने हुकूमत, विरासत और नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार को जीरो से शिखर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कारनामा अंजाम दिया है एक ऐसा सफर जिसे तारीख के पन्नों पर सुनहरे लफ्जों में लिखा जाएगा।
लवली आनंद ने अपने बयान में कहा कि नीतीश कुमार की सियासी दूरअंदेशी और इंकलाबी फैसलों ने बिहार की तस्वीर बदल दी है। चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत पुल-पुलिया का जाल बिछाना हो, या फिर महिला को 50 फीसदी आरक्षण देकर उन्हें सियासी और प्रशासनिक ताकत देना हर कदम ने समाज में नई रौशनी पैदा की है। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि आज बड़ी तादाद में महिलाएं दरोगा समेत कई अहम ओहदों पर तैनात हैं, जो सरकार की नीतियों की कामयाबी का जीता-जागता सबूत है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की अटकलों पर उन्होंने इसे उनका निजी फैसला करार दिया, लेकिन साथ ही यह भी माना कि इससे अवाम और पार्टी कार्यकर्ताओं के दिलों में कहीं न कहीं कसक और बेचैनी जरूर है। उन्होंने अपील की कि बिहार के बेहतर मुस्तकबिल के लिए नीतीश कुमार अपने फैसले पर गहन चिंतन करें और सूबे का रहनुमाई करते रहें।
वहीं, निशांत कुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर उन्होंने नरम लेकिन अहम इशारा दिया। उन्होंने कहा कि निशांत एक नौजवान चेहरा हैं और सियासत में उनका उभरना खुशी की बात है। पार्टी जो भी फैसला लेगी, वह उसके साथ खड़ी रहेंगी, लेकिन उनकी निजी राय है कि निशांत को एक मौका जरूर मिलना चाहिए।
बहरहाल लवली आनंद ने साफ किया कि बिहार की तरक्की के लिए तजुर्बा और नौजवानी का एकता बेहद जरूरी है। चेतन आनंद जैसे युवा नेताओं के साथ अगर नई सोच और पुराना अनुभव मिल जाए, तो बिहार की सियासत एक नई बुलंदी छू सकती है।
रिपोर्ट- मनोज कुमार