रेलवे का वो सीक्रेट प्रोजेक्ट जो बिहार के इस स्टेशन को दिलाएगा नई पहचान: 12 गांवों के ऊपर से गुजरेगी ट्रेन, 700 करोड़ होंगे खर्च
आरा-सासाराम रेलखंड पर कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 7 अरब की लागत से सासाराम नॉर्थ जंक्शन और 9 किलोमीटर लंबे रेल ओवर रेल (RoR) का निर्माण शुरू होने जा रहा है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Sasaram - बिहार के रोहतास जिले में रेल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए आरा-सासाराम रेलखंड पर एक महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। सासाराम नॉर्थ जंक्शन से करवंदिया तक प्रस्तावित 9 किलोमीटर लंबे रेल ओवर रेल (RoR) के निर्माण की संभावित तिथि जुलाई 2026 तय की गई है। सासाराम रेलफैन एसोसिएशन के सदस्य श्याम सुंदर पासवान द्वारा आरटीआई (RTI) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है।
7 अरब की लागत और 12 गांवों से गुजरेगा रेल ओवर रेल
लगभग 700 करोड़ रुपये (सात अरब) की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना सासाराम को रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से नई पहचान दिलाएगी। यह 9 किलोमीटर लंबा रेल ओवर रेल (RoR) पुल अमरी, बसंतपुर, मदैनी, अमरा, करमडिहरी, धुआं, नीमा, शुंभा, अदमापुर, दवनपुर, घटमापुर और बांसा सहित कुल 12 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना में रेल फ्लाईओवर, जंक्शन और फुटओवर ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं।
सासाराम नॉर्थ जंक्शन: तीन प्रमुख रेल लाइनों का संगम
जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर कर्मडिहरी गांव के पास दो प्लेटफॉर्म वाला 'सासाराम नॉर्थ जंक्शन' बनाया जा रहा है, जिसका कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। यह जंक्शन भविष्य में सोननगर-जपला, गया-हावड़ा और पीडीडीयू-दिल्ली रेल लाइनों को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहाँ 700 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म, आधुनिक शेड और फुटओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा।
आरा-सासाराम रेलखंड का होगा दोहरीकरण
रेलवे ने आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling) का भी ठोस निर्णय लिया है। इसके लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य वर्तमान में जारी है और रेल मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोहरीकरण होने से डीडीयू-गया और डीडीयू-पटना मेन लाइन पर ट्रेनों के अत्यधिक दबाव को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
औद्योगिक विकास और पावर प्लांट को मिलेगा लाभ
पिछले एक दशक से लंबित इस परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नया आयाम मिलेगा। विशेष रूप से चौसा थर्मल पावर प्लांट को इसका बड़ा लाभ होगा। वर्तमान में कोयला आपूर्ति में समय और लागत अधिक लगती है, लेकिन दोहरीकरण और डीएफसीसीआईएल (DFCCIL) लाइन से जुड़ाव के बाद झारखंड के धनबाद क्षेत्र से कोयले की ढुलाई तेज और सुगम हो जाएगी।
बक्सर, गाजीपुर और बलिया के लिए नई ट्रेनों की उम्मीद
परियोजना के पूरा होने के बाद भविष्य में सासाराम से बक्सर, गाजीपुर और बलिया के लिए नई ट्रेन सेवाएं शुरू होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। रेलवे स्तर पर इस दिशा में प्रारंभिक कार्य जारी है। दोहरी लाइन और नए जंक्शन के बन जाने से ट्रेनों का बेहतर प्रबंधन और आवश्यकतानुसार डायवर्जन भी संभव हो सकेगा।