Bihar News : सहरसा में रसोई गैस की किल्लत से मचा हाहाकार, उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी का लगाया आरोप, एजेंसी में पुलिस ने संभाला मोर्चा

Bihar News : सहरसा में सरकार के दावे के खिलाफ रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा है. उपभोक्ताओं ने गैस की कालाबाजारी का आरोप लगाया है.......पढ़िए आगे

Bihar News : सहरसा में रसोई गैस की किल्लत से मचा हाहाकार, उप
रसोई गैस के लिए हाहाकार - फोटो : SOCIAL MEDIA

SAHARSA : जिले के नवहट्टा स्थित 'माँ भगवती एचपी गैस ग्रामीण वितरक' केंद्र पर बुधवार को उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। गैस सिलेंडर पाने के लिए सैकड़ों कार्ड धारक सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े दिखे, लेकिन दोपहर बीत जाने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। आलम यह है कि चार दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद लोगों को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी का माहौल है।

उपभोक्ताओं ने लगाया भेदभाव और कालाबाजारी का आरोप

लाइन में खड़े परेशान उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा आम जनता के साथ भेदभाव किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि जहाँ एक ओर घंटों लाइन में खड़े गरीब लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर 'रिश्वत' लेकर ब्लैक में गैस सिलेंडरों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी के भीतर से ही कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पात्र कार्ड धारकों के हक पर डाका डाला जा रहा है।

मौके पर तैनात पुलिस, भीड़ को काबू करना हुआ मुश्किल

स्थिति बिगड़ती देख नवहट्टा पुलिस को मौके पर पहुँचना पड़ा। पुलिस बल लगातार बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और हंगामे को शांत कराने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, आक्रोशित लोगों का कहना है कि जब तक उन्हें गैस नहीं मिल जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। एजेंसी परिसर में मची इस अफरा-तफरी से बाजार के सामान्य कामकाज पर भी काफी बुरा असर पड़ा है।

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर

गौरतलब है कि हाल ही में बिहार सरकार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया था कि राज्य में गैस की कोई कमी नहीं है और किल्लत की खबरें महज एक अफवाह हैं। लेकिन नवहट्टा की जमीनी हकीकत इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। कार्ड धारकों ने सवाल उठाया है कि यदि भंडार में गैस की कमी नहीं है, तो फिर आम लोगों को समय पर सिलेंडर क्यों नहीं मिल रहा और उन्हें घंटों लाइन में क्यों तपना पड़ रहा है?