Purnia Airport: हवाई चप्पल से हवाई सफर तक… चार महीने में पूर्णिया एयरपोर्ट ने रचा इतिहास, एक लाख से ज़्यादा यात्रियों ने भरी उड़ान
Purnia Airport: सीमांचल की धरती पर बने पूर्णिया एयरपोर्ट ने महज चार महीने में ऐसी उड़ान भरी है, जिसने न सिर्फ़ रिकॉर्ड बनाए, बल्कि विकास की नई तस्वीर भी पेश कर दी।...
Purnia Airport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह जुमला “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज़ में उड़ेगा” अब ज़मीन पर नहीं, आसमान में साकार होता दिख रहा है। सीमांचल की धरती पर बने पूर्णिया एयरपोर्ट ने महज चार महीने में ऐसी उड़ान भरी है, जिसने न सिर्फ़ रिकॉर्ड बनाए, बल्कि विकास की नई तस्वीर भी पेश कर दी।
17 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित पूर्णिया एयरपोर्ट ने बेहद कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चार महीने के भीतर यहां से 1 लाख 10 हज़ार से अधिक यात्री हवाई सफर कर चुके हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ़ एयरपोर्ट की सफलता बताता है, बल्कि इस बात का भी सबूत है कि सीमांचल को हवाई कनेक्टिविटी की कितनी सख्त ज़रूरत थी।
फिलहाल पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए कुल पांच उड़ानें संचालित हो रही हैं। इंडिगो और स्टार एयर की ये सभी फ्लाइट्स लगातार फुल बुकिंग पर चल रही हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए कई एयरलाइंस अब छोटे विमानों की जगह बड़े एयरक्राफ्ट उतारने की तैयारी में हैं।
कटिहार के एमएलसी अशोक अग्रवाल और पूर्णिया की मेयर उषा देवी अग्रवाल का कहना है कि एयरपोर्ट बनने से सीमांचल, कोसी, बंगाल और नेपाल सीमा से जुड़े करीब 12 जिलों के करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि मनिहारी-साहिबगंज पुल के बन जाने के बाद इस एयरपोर्ट का महत्व और बढ़ जाएगा। महज चार महीने में एक लाख यात्रियों का सफर इस बात की गवाही है कि पूर्णिया में एयरपोर्ट समय की सबसे बड़ी ज़रूरत था।
पूर्णिया एयरपोर्ट के डायरेक्टर दीप प्रकाश गुप्ता ने बताया कि 12 दिसंबर तक जहां यात्रियों की संख्या 50 हजार थी, वहीं 31 जनवरी तक यह आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया। उन्होंने बताया कि 15 एकड़ अतिरिक्त भूमि एयरपोर्ट को हस्तांतरित हो चुकी है और जल्द ही स्थायी, अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
नई टर्मिनल बिल्डिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनेगी और भविष्य में पूर्णिया एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। 500 वाहनों की पार्किंग, आधुनिक सुविधाएं और नए रूट्स पर उड़ानों की तैयारी तेज़ हो चुकी है।कभी पोर्टा केबिन एयरपोर्ट कहे जाने वाले पूर्णिया ने अब साफ कर दिया हैयह सिर्फ़ एक रनवे नहीं, बल्कि सीमांचल के सपनों की उड़ान है।
रिपोर्ट- अंकित कुमार