Bihar News : पूर्णिया में जाली नोटों के बड़े रैकेट का पुलिस ने किया पर्दाफाश, मास्टरमाइंड ऐनुल समेत पांच गिरफ्तार, बंगाल से जुड़े हैं तार
Bihar News : पूर्णिया में जाली नोटों के बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड ऐनुल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.....पढ़िए आगे
PURNEA : जिले की जानकीनगर पुलिस ने जाली नोटों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना मोहम्मद ऐनुल सहित कुल पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को रकम दो गुना करने का लालच देकर जाली नोट खपाने का काम करता था। बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में गठित टीम ने नाटकीय ढंग से जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को उसके घर से ही दबोच लिया, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।
पुलिस की छापेमारी में आरोपियों के पास से ₹200 के मूल्य वाले कुल 399 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत ₹79,800 आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने ₹45,500 के असली नोट भी बरामद किए हैं, जो गिरोह ने जाली नोटों के बदले लोगों से ठगे थे। जानकीनगर थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि आरोपी ऐनुल लंबे समय से इस अवैध धंधे में संलिप्त था और उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसका उपयोग वह तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने के लिए करता था।
पकड़े गए तस्करों की पहचान मुख्य आरोपी मोहम्मद ऐनुल (विनोवा ग्राम, जानकीनगर) के अलावा नीतीश कुमार, रूपेश कुमार, मुकेश कुमार और राजीव कुमार के रूप में हुई है। ये चारों अन्य आरोपी मधेपुरा जिले के मुरलीगंज के निवासी हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ऐनुल का नेटवर्क पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ था, जहाँ से जाली नोटों की खेप मँगाई जाती थी। यह गिरोह न केवल पूर्णिया, बल्कि मधेपुरा और सुपौल जैसे पड़ोसी जिलों में भी अपना जाल फैला चुका था।
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि ऐनुल का पूरा परिवार इस अपराध में साझीदार था। ऐनुल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बेटा भी इस धंधे में सक्रिय रूप से शामिल हैं। वे लोग बनमनखी, जानकीनगर और सरसी थाना क्षेत्रों में छोटे-छोटे दुकानदारों को निशाना बनाते थे और जाली नोटों के जरिए सामान खरीदकर उन्हें बाजार में खपा देते थे। फिलहाल पुलिस फरार चल रहे परिवार के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि पुलिस को काफी समय से इस रैकेट की सूचना मिल रही थी। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनके मोबाइल रिकॉर्ड्स को भी खंगाला जा रहा है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और बंगाल के मुख्य सप्लायरों तक पहुँचा जा सके। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे कम समय में पैसा दोगुना करने के किसी भी प्रलोभन में न आएं और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।
अंकित की रिपोर्ट