तेजस्वी के राघोपुर में 50 हजार के लोन का लालच देकर सैकड़ों महिलाओं से लाखों की ठगी, 'गोल्ड कैपिटल' कंपनी का ऑफिस सील
राघोपुर के फतेहपुर चौक पर स्थित एक फर्जी फाइनेंस कंपनी ने ग्रुप लोन और सामान दिलाने के नाम पर करीब 100 महिलाओं से लाखों रुपए डकार लिए और रातों-रात ऑफिस बंद कर फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
Vaishali - वैशाली जिले के राघोपुर थाना अंतर्गत फतेहपुर चौक पर जालसाजों ने 'गोल्ड कैपिटल सर्विस लिमिटेड' नामक कंपनी खोलकर मासूम महिलाओं को अपना शिकार बनाया। ठगों ने महिलाओं को प्रलोभन दिया कि यदि वे 11 महिलाओं का ग्रुप बनाती हैं, तो उन्हें 50,000 रुपये का आसान लोन दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए शर्त रखी गई कि लोन पास होने से पहले महिलाओं को कंपनी से टीवी, वाशिंग मशीन या सिलाई मशीन जैसे उत्पाद खरीदने होंगे, जिसके लिए उनसे एडवांस पैसे जमा कराए गए।
16 मार्च को जमा कराए पैसे, 17 को ऑफिस पर लटका मिला ताला
प्राथमिकी के अनुसार, जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के वीरपुर की रहने वाली काजल देवी और उनके साथ करीब 100 महिलाएं 16 मार्च की सुबह फतेहपुर चौक स्थित ऑफिस पहुंचीं। वहां राहुल, रंजीत और छोटू नामक कर्मियों ने महिलाओं से उनके चुने हुए सामान के आधार पर 2000 से लेकर 8800 रुपये तक जमा करा लिए। वादा किया गया कि शाम 6 बजे तक सामान घर पहुंच जाएगा, लेकिन जब सामान नहीं पहुंचा और कर्मियों के मोबाइल बंद आने लगे, तो महिलाओं को ठगी का अहसास हुआ। अगले दिन सुबह जब महिलाएं ऑफिस पहुंचीं, तो वहां ताला लटका मिला।
पुलिस की कार्रवाई: ऑफिस से कागजात और फर्नीचर जब्त
राघोपुर थाना अध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायत मिलते ही फतेहपुर चौक स्थित कंपनी के दफ्तर पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से करीब ढाई सौ से अधिक ग्रुप लोन फॉर्म, एक दर्जन कुर्सियां, टेबल, सूचना बोर्ड और कंपनी की मुहर समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन फॉर्म्स की संख्या को देखते हुए ठगी का शिकार होने वाली महिलाओं की संख्या और भी अधिक हो सकती है।
नामजद प्राथमिकी और आरोपियों की तलाश
काजल देवी के आवेदन पर पुलिस ने कंपनी के कर्मी राहुल कुमार, रंजीत कुमार और छोटू कुमार सहित अन्य अज्ञात कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को उन चार मोबाइल नंबरों और आरोपियों की पल्सर गाड़ी (BR 26AE 2594) की जानकारी भी दी है, जिसका उपयोग वे ठगी के लिए कर रहे थे। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जालसाजों की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।
राघोपुर और रुस्तमपुर की महिलाएं भी हुईं शिकार
इस फ्रॉड का दायरा केवल वीरपुर तक सीमित नहीं है। ऑफिस बंद होने के बाद वहां राघोपुर और रुस्तमपुर थाना क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं जमा थीं, जिनसे अलग-अलग किश्तों में पैसे लिए गए थे। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि कंपनी ने बेहद शातिराना तरीके से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज लेकर उन्हें विश्वास में लिया और फिर लाखों रुपये की चपत लगाकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
रिपोर्ट - रिषभ कुमार