Patna High Court News : मोतिहारी में ब्रिटिशकालीन नहर से अतिक्रमण हटाने का मामला, पटना हाईकोर्ट में अधिकारियों को देना होगा ब्यौरा, टली सुनवाई
Patna High Court News : पटना हाईकोर्ट में मोतिहारी में ब्रिटिशकालीन नहर से अतिक्रमण हटाने के मामले पर सुनवाई टल गयी है.......पढ़िए आगे
PATNA : पटना हाईकोर्ट में मोतिहारी शहर के मोतीझील को बुढ़ी गंडक नदी से निकले ब्रिटिशकालीन नहर रामरेखा घाट सिमरा जोड़ता है, के दोनों ओर हुए अतिक्रमण हटाए जाने पर सुनवाई एक सप्ताह के लिए टल गयी। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ द्वारा भारतीय न्यायप्रिय नागरिक परिषद की जनहित याचिका की सुनवाई की जा रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सम्बन्धित अधिकारियों को इस सम्बन्ध में की गयी कार्रवाईयों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने कोर्ट को बताया था कि मोतिहारी शहर के मोतीझील को बुढ़ी गंडक नदी पर स्थित रामरेखा घाट, सिमरा से जोड़ता है। इसकी लम्बाई लगभग ग्यारह किलोमीटर है।
मोतीझील शहर की जीवनरेखा भी कहा जाता है। इससे मोतिहारी शहर को पेय जल मिलता है। साथ ही बाढ़ के समय ये नहर इस शहर को बाढ़ से बचाता है। अधिवक्ता विकास पंकज ने बताया था कि 24 दिसंबर, 2022 को कार्यपालक अभियंता,तिरहुत कैनाल डिवीज़न ,मोतिहारी ने इस सम्बन्ध में पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी को पत्र लिखा, जिसमें नहर को बाढ़ के समय उपयोगी और मोतीझील को रिचार्ज करने का वैकल्पिक स्रोत बताया गया था।
उन्होंने कोर्ट को बताया था कि जिलाधिकारी,पूर्वी चम्पारण ने इसके जाँच के लिए एक कमिटी गठित की और जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने बताया कि काफी बैठकें हुई,लेकिन अबतक कोई विस्तृत रिपोर्ट नहीं दिया गया।इससे मोतिहारी शहर के नागरिकों को काफी कष्ट और असुविधा हो रही है। इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।