सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म, इन 27 महत्वपूर्ण एजेंडो पर लगी मुहर

सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म, इन 27 महत्वपूर्ण एजेंडो पर लगी मुहर

सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक खत

Patna : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में राज्य मंत्रिमंडल के तमाम वरिष्ठ मंत्री और विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव उपस्थित रहे। राज्य मंत्रिपरिषद की इस बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कुल 27 महत्वपूर्ण एजेंडों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। 


विधायकों, अफसरों और राज्य कर्मियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

इस कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कल्याणकारी फैसला लिया गया है। इसके तहत बिहार विधान मंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों व उनके आश्रितों, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत एवं सेवानिवृत्त पदाधिकारियों व उनके आश्रितों, राज्य सरकार के नियमित पदाधिकारियों, कर्मचारियों व उनके आश्रितों सहित सेवानिवृत्त पेंशनधारी राज्य कर्मियों (पति-पत्नी) तथा पारिवारिक पेंशनरों को 'बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना' के अधीन अंतर्वासी (In-patient) चिकित्सा हेतु पूरी तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस फैसले से लाखों लोगों के लिए गंभीर बीमारियों का इलाज कराना बेहद आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।


पटना के वरीय यातायात डीएसपी अनिल कुमार को सेवानिवृत्ति के बाद संविदा पर पुनर्नियुक्ति

प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सरकार ने पटना के वरीय पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) श्री अनिल कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद संविदा के आधार पर पुनः नियुक्त करने का निर्णय लिया है। बता दें कि अनिल कुमार आगामी 31 मई 2026 को अपनी सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। पटना शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए कैबिनेट ने उन्हें संविदा पर पुनर्नियुक्ति देने के गृह विभाग के प्रस्ताव को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।


बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी, दूर होगी शिक्षकों की कमी

राज्य के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने एक दूरगामी फैसला लिया है। बैठक में 'सीनियर रेजिडेन्ट/ट्यूटर तथा बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026' को अधिसूचित करने की मंजूरी दे दी गई है। इस नई नियमावली के लागू होने से राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही चिकित्सक शिक्षकों की कमी को स्थायी रूप से दूर किया जा सकेगा और मेडिकल की पढ़ाई के स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।


नीतिगत फैसलों से विकास कार्यों में आएगी तेजी, पारदर्शी व्यवस्था के लिए सरकार संकल्पित

कैबिनेट बैठक के बाद सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि सरकार द्वारा लिए गए ये सभी निर्णय राज्य के विकास को एक नई दिशा देने वाले हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस प्रशासन से जुड़े इन महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगने से न सिर्फ सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। सम्राट सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे बिहार में पारदर्शी, संवेदनशील और विकासोन्मुखी शासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।