Bihar News : बिहार स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि, 'बाल हृदय योजना' का 100वां बैच अहमदाबाद हुआ रवाना, हृदय में छेद से पीड़ित 32 बच्चों का होगा मुफ्त इलाज
Bihar News : स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने 'बाल हृदय योजना' के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 32 बच्चों को निःशुल्क उपचार के लिए श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद रवाना किया......पढ़िए आगे
PATNA : बिहार सरकार की जनहितकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसी क्रम में शनिवार को स्वास्थ्य भवन, पटना से स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बाल हृदय योजना के अंतर्गत 100 वें बैच में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 32 बच्चों को निःशुल्क उपचार के लिए श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे के उपचार में बाधा न बने। बाल हृदय योजना इसी संकल्प का परिणाम है, जिसके माध्यम से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हजारों बच्चों को नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि योजना के 100वें बैच का रवाना होना स्वास्थ्य विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता और जरूरतमंद परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि 100 वें बैच में बक्सर जिले से 3, पूर्वी चंपारण से 2, जहानाबाद से 3, खगड़िया से 1, मधेपुरा से 2, मधुबनी से 1, मुंगेर से 2, नालंदा से 5, पटना से 7, समस्तीपुर से 3 तथा वैशाली से 3 बच्चे शामिल हैं, जिन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाल हृदय योजना की शुरुआत अप्रैल 2021 को एनडीए के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सात निश्चय-2 के अंतर्गत ‘सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा’ के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग, विशेषकर हृदय में छेद की समस्या से पीड़ित 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क जांच, सर्जरी एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक राज्य के 3101 बच्चों का सफल उपचार कराया जा चुका है। यह उपलब्धि बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस योजना ने न केवल बच्चों को नया जीवन दिया है, बल्कि हजारों परिवारों को आर्थिक बोझ से भी राहत पहुंचाई है।
निशांत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित रूप से स्क्रीनिंग अभियान एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है। चिकित्सकीय जांच के उपरांत चयनित बच्चों को आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, मेदांता अस्पताल (पटना) तथा श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में उपचार के लिए भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बाल हृदय योजना इसका एक संवेदनशील और सफल उदाहरण है, जिसने हजारों बच्चों के जीवन में नई उम्मीद का संचार किया है। सरकार आगे भी जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर अमित कुमार पाण्डेय, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, डॉ. अनुपमा सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, माननीय स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव श्री कौशलेंद्र कुमार के साथ स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहें।