पटना में बनेगी अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब और ADF: स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
प्रदेश में फार्मास्युटिकल क्षेत्र को मजबूत बनाने, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और R&D को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। पटना में अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब की स्थापना की तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक हुई......
Patna : बिहार में फार्मास्युटिकल क्षेत्र को मजबूत बनाने, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। इसी कड़ी में राजधानी पटना में अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी एवं एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी (ADF) की स्थापना को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और दवा परीक्षण प्रणाली में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मंगलवार को आयोजित इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि सहित विभाग तथा NIPER हाजीपुर के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रस्तावित लैब की स्थापना, आवश्यक आधारभूत संरचना, तकनीकी क्षमता, बजट प्रावधानों और इसके सुचारू संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नाइपर हाजीपुर के सहयोग से मिलेगा स्किल डेवलपमेंट और विशेष प्रशिक्षण
बैठक में लैब डेवलपमेंट, लैब एक्रिडिटेशन, नर्सिंग एवं फार्मेसी के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण और NIPER हाजीपुर के शैक्षणिक व अनुसंधान कार्यों के विस्तार पर जोर दिया गया। योजना के तहत NIPER हाजीपुर की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए फार्मेसी के विद्यार्थियों, उद्योग से जुड़े पेशेवरों और तकनीकी कर्मचारियों के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
फार्मास्युटिकल उद्योग, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को होगा सीधा लाभ
इस एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी (ADF) के माध्यम से न केवल नियमित दवाओं का परीक्षण होगा, बल्कि नई दवाओं व फॉर्मूलेशन के विकास, विश्लेषणात्मक पद्धतियों की खोज और गुणवत्ता नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। इससे बिहार के फार्मास्युटिकल उद्योग, नए स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक परीक्षण व अनुसंधान सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण और अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने इस प्रस्तावित सुविधा को राज्य में दवा गुणवत्ता नियंत्रण और फार्मास्युटिकल अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी सभी प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। सरकार की इस दूरगामी पहल से बिहार को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में गुणवत्ता, शोध और नवाचार के एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
प्रिय दर्शन की रिपोर्ट