Patna Encounter:पटना में खाकी पर हमला करने वाले कुख्यात हैदर की देखिये exclusive तस्वीर,पुलिस टीम पर हैदर ने की थी ताबड़तोड़ फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में ढेर,दो पुलिसकर्मी AIIMS में भर्ती

Patna Encounter

Patna Encounter:बिहार में बेखौफ बदमाशों के दुस्साहस और संगीन वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला राजधानी पटना के ग्रामीण इलाके मसौढ़ी का है, जहां कानून के रखवालों पर ही जानलेवा हमला बोल दिया गया। शुक्रवार की शाम मसौढ़ी थाना क्षेत्र के मनीचक मोहल्ले में तफ्तीश और छापेमारी करने गई पुलिस की जांबाज टीम पर अपराधियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। इस खूनी मुठभेड़ और ताबड़तोड़ गोलीबारी में मसौढ़ी थाना के कार्यवाहक प्रभारी (इंचार्ज) राहुल कुमार और दारोगा संजय कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

खाकी को सरेआम चुनौती देने और पुलिसकर्मियों के खून से होली खेलने की इस जुर्रत के चंद घंटों के भीतर ही मुस्तैद पुलिस महकमे ने 'ऑपरेशन क्लीन' का आगाज किया। पुलिस ने फौरन जवाबी कार्रवाई करते हुए इलाके के बेहद खूंखार, शातिर और वांछित बदमाश मोहम्मद हैदर को एनकाउंटर में ढेर कर यमलोक पहुंचा दिया।

मुखबिर की इत्तिला और खूनी मुठभेड़ का मंजर

इस खौफनाक वारदात की शुरुआत १२ जून की ढलती शाम को हुई। पुलिस प्रशासन को एक खुफिया मुखबिर से पुख्ता इत्तिला (सूचना) मिली कि संगीन जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह मोहम्मद हैदर अपने गुर्गों के साथ मनीचक मोहल्ले में छिपा हुआ है और उसने एक बेकसूर नौजवान को बंधक बना रखा है। इस बेहद संवेदनशील और पुख्ता जानकारी के मिलते ही मसौढ़ी थाने की स्पेशल टीम बिना वक्त गंवाए फौरन मौके के लिए रवाना हो गई। पुलिस का मुख्य मकसद और पहली प्राथमिकता उस बंधक युवक को अपराधियों के चंगुल से सलामत आजाद कराना था।

मुठभेड़ की शुरुआत जैसे ही पुलिस का दस्ता वारदात वाली जगह के 

करीब पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे हैदर और उसके खूंखार साथियों को पुलिस की आहट मिल गई। खुद को घिरता देख बौखलाए अपराधियों ने बिना कोई मौका दिए पुलिस पार्टी पर आधुनिक हथियारों से अंधाधुंध और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

इस अचानक हुए कातिलाना हमले और गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। इस भीषण गोलीबारी में एडिशनल थानेदार राहुल कुमार के जिस्म में गोली जा धंसी, जबकि एएसआई संजय कुमार को एक गोली छूते हुए निकल गई। दोनों जांबाज पुलिसकर्मी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। मौके पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया। इसके बावजूद पुलिस के जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और मोर्चा संभालते हुए अपराधियों पर जोरदार पलटवार किया। दोनों तरफ से कई चक्र गोलियां चलीं और पूरा इलाका जंग के मैदान में तब्दील हो गया।

मुठभेड़ के फौरन बाद पटना के सिटी एसपी ने प्रेस को तफ्सील से जानकारी देते हुए बताया कि इस मुठभेड़ में दो पुलिस अफसर जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए फौरन अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं पुलिस की जवाबी जवाबी कार्रवाई में एक मुख्य शातिर अपराधी को भी गोली लगी है। हालांकि, शुरुआती अफरा-तफरी का फायदा उठाकर वह जख्मी हालत में ही अपने खूंखार साथियों की मदद से सरहद पार यानी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने फौरन पूरे जिले की नाकेबंदी कर दी और फरार अपराधियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की।

रात ढलने के साथ ही तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम को घायल मोहम्मद हैदर की सही लोकेशन का सुराग हाथ लगा। जांच में यह साफ हुआ कि पुलिस की जवाबी गोलीबारी में हैदर बुरी तरह जख्मी हो चुका था। उसके हमदर्द और साथी उसे खून से लथपथ हालत में सबसे पहले पुनपुन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत और शरीर से बहते खून को देखते हुए फौरन पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया।

हैदर को पुलिस पीएमसीएच और फिर मैक्स अस्पताल घुमाते हुए आखिरकार राजा बाजार स्थित पारस हॉस्पिटल ले गयी वहां गोली लगने की वजह से जिस्म से अत्यधिक रक्तस्राव (ज्यादा खून बह जाने) और गहरे जख्मों के ताव को न सह पाने के कारण आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

आतंक का अंत और फरार गुर्गों की तलाश

पुलिस के आला अफसरों के मुताबिक, मोहम्मद हैदर लंबे वक्त से संगीन जुर्म की काली दुनिया में सक्रिय था और इलाके के आवाम के लिए दहशत का दूसरा नाम बना हुआ था। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, किडनैपिंग (बंधक बनाना), अवैध असलहे और भारी तादाद में हथियारों की तस्करी के साथ-साथ सरकारी मुलाजिमों पर हमला करने जैसे दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज थे।

इस सनसनीखेज वाकये ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध के रास्ते पर चलने वाले बदमाश सूबे की अमन-चैन और कानून-व्यवस्था के लिए कितना बड़ा नासूर बन चुके हैं। फिलहाल, पटना पुलिस हैदर के बाकी फरार साथियों और मददगारों की धरपकड़ के लिए जंगलों और संभावित ठिकानों पर लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन और छापेमारी चला रही है ताकि इस पूरे खूनी साज़िश की तह तक पहुंचा जा सके।

रिपोर्ट..रंजीत कुमार