Bihar News : PMCH में हॉस्टल आवंटन को लेकर घमासान, जूनियर डॉक्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी, प्रिंसिपल से लगाई गुहार

Bihar News : PMCH में हॉस्टल आवंटन को लेकर घमासान, जूनियर डॉ

PATNA : विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए करोड़ों की लागत से पुनर्विकसित हो रहे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में अब छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पीजी (Post Graduate) छात्रों ने बॉयज हॉस्टल के तत्काल आवंटन की मांग को लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल से गुहार लगाई है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि नवनिर्माण कार्य के कारण पुराने भवनों को तोड़े जाने के बाद उनकी आवासीय समस्याएं काफी बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और अस्पताल की सेवाओं पर पड़ रहा है।

विवाद की मुख्य वजह पीजी और यूजी (Under Graduate) मेडिकल छात्रों को एक ही हॉस्टल में आवंटित करना है। छात्रों का कहना है कि वर्तमान में लगभग 450 पीजी और यूजी छात्रों को एक ही परिसर में रहने को मजबूर किया जा रहा है, जिससे भारी अव्यवस्था फैल गई है। दोनों स्तर के छात्रों की पढ़ाई का पैटर्न और ड्यूटी का समय अलग-अलग होता है, जिससे सामंजस्य बिठाने में काफी परेशानी हो रही है और छात्रों के बीच आए दिन असुविधाओं को लेकर तनाव की स्थिति बनी रहती है।

हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने आग में घी डालने का काम किया है। छात्रों ने शिकायत की है कि कॉमन बाथरूम और सफाई की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति बदतर हो गई है। जर्जर भवनों को तोड़ने और नए निर्माण के बीच छात्रों को जिन कमरों में रखा गया है, वहाँ बुनियादी जरूरतों की भारी किल्लत है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन करोड़ों के पुनर्निर्माण में व्यस्त है, लेकिन जो छात्र यहाँ सेवा दे रहे हैं, उनके रहने की न्यूनतम गरिमा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

इस आवासीय संकट का असर केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि अस्पताल में आने वाले मरीजों पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उचित आराम और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में वे अपनी ड्यूटी पूरी क्षमता के साथ नहीं कर पा रहे हैं। यदि डॉक्टर तनाव में रहेंगे और उनकी नींद पूरी नहीं होगी, तो इसका सीधा खामियाजा मरीजों के इलाज और देखभाल पर पड़ेगा। कई विभागों में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी पहले से ही चुनौती बनी हुई है। प्रिंसिपल डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द ही पीजी बॉयज हॉस्टल का अलग से आवंटन नहीं किया गया और सुविधाएं नहीं सुधारी गईं, तो वे कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। 

अनिल की रिपोर्ट