Bihar News: रौशन आनंद ने जिला जज की अदालत में लगाई जमानत याचिका, खान सर उर्फ फैजल खान के गार्ड्स को नहीं मिली राहत, छात्रों का फिर फूटा गुस्सा

Bihar News: रौशन आनंद ने अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है।..

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रौशन आनंद ने फाइल की जमानत याचिका- फोटो : social Media

Bihar News:फैजल खान उर्फ  खान सर की कोचिंग संस्थान के बाहर 2 जून को हुई हिंसक घटना के बाद दर्ज मामले में कानूनी और राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार रौशन आनंद ने अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। इससे पहले न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

2 जून को खान सर की कोचिंग के बाहर हुए हमले और हंगामे के बाद पुलिस ने 3 जून को रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही उनके समर्थक छात्र लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। अब तक पटना में तीन बार छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा चुका है। मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिना किसी निष्पक्ष जांच समिति की रिपोर्ट के किसी व्यक्ति को जेल भेज देना न्यायसंगत नहीं है। छात्रों ने कहा कि पहले पूरे मामले की जांच होनी चाहिए, उसके बाद ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि मामले में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उनका कहना था कि जो गोली चलवाने का आरोपी है वह बाहर है, जबकि जो घटना स्थल पर मौजूद भी नहीं था, वह जेल में बंद है। छात्रों ने रौशन आनंद को शिक्षक बताते हुए कहा कि उनके साथ हजारों छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है और सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।इधर इसी मामले में खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत में पुलिस की ओर से अद्यतन केस डायरी और आरोपियों का आपराधिक इतिहास प्रस्तुत किया गया। हालांकि सुनवाई के दौरान गार्ड्स को राहत नहीं मिल सकी। अब इस मामले में गुरुवार, 11 जून को अभियोजन पक्ष की ओर से विस्तृत बहस की जाएगी, जिसके बाद अदालत आगे का फैसला ले सकती है।

वहीं दूसरी ओर, खान सर यानी फैजल खान  को अदालत से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को जिला जज की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए नो कोर्सिव आदेश पारित किया है। इस आदेश का अर्थ है कि अगले आदेश तक पुलिस उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं कर सकती।हालांकि अदालत ने खान सर को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया है। ऐसे में उन्हें अंतरिम राहत तो मिल गई है, लेकिन जांच प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य रहेगा।  इस पूरे मामले पर छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। एक ओर रौशन आनंद की जमानत याचिका पर सुनवाई का इंतजार है, तो दूसरी ओर खान सर और उनके गार्ड्स से जुड़े मामलों में अदालत के आगामी फैसले इस बहुचर्चित प्रकरण की दिशा तय करेंगे।