बिहार विधानसभा में RJD विधायक के समर्थन में उतरे BJP विधायक, गजब घिरी सरकार फिर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने भी सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार के कई सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब है और कुछ जगहों पर करीब 1000 बच्चों को महज दो कमरों में पढ़ने को मजबूर होना पड़ता है।
Bihar Assembly: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक सुर में नजर आए। शिक्षा विभाग से जुड़े सवाल पर राजद विधायकों ने स्कूल भवनों की कमी और जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया, तो भाजपा विधायक भी विपक्षी सदस्यों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।
प्रश्नकाल के दौरान राजद विधायक बोगो सिंह ने मुख्यमंत्री के माध्यम से शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि जिन स्थानों पर स्कूल महज दो कमरों में संचालित हो रहे हैं, वहां सरकार जमीन खरीदकर विद्यालय भवन का निर्माण कराए। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक है, लेकिन भवन और कमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। राजद विधायक के इस आग्रह का भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने भी समर्थन किया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है तो सरकार जमीन खरीदकर विद्यालय भवन का निर्माण क्यों नहीं कराती।
रणविजय साहू ने भी उठाया मुद्दा
इसी दौरान राजद विधायक रणविजय साहू ने भी राज्य के कई स्कूलों की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अनेक जगहों पर स्कूलों के पास न तो पर्याप्त भवन हैं और न ही बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था। इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जिन स्थानों पर स्कूल भवन के लिए जमीन की समस्या है, वहां विधायक संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) से जमीन की उपलब्धता की रिपोर्ट भेजें। उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने पर सरकार स्कूल भवन का निर्माण कराएगी।
‘दो कमरों में 1000 बच्चे पढ़ने को मजबूर’
राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने भी सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार के कई सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब है और कुछ जगहों पर करीब 1000 बच्चों को महज दो कमरों में पढ़ने को मजबूर होना पड़ता है।उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में व्यापक पहल करने की मांग की। कुमार सर्वजीत ने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर सभी जनप्रतिनिधियों को सेंट्रल हॉल में बुलाकर पहल की थी, उसी तरह स्कूल भवनों की समस्या के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाना चाहिए।
सम्राट चौधरी का बड़ा आश्वासन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हस्तक्षेप करते हुए सरकार की ओर से बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर स्कूल भवन नहीं हैं या भवन से जुड़ी समस्या है, वहां समाधान की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि छह महीने के भीतर स्कूल भवनों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा और जहां विद्यालय भवन की परेशानी है, वहां आवश्यक कार्रवाई कर भवन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
रंजन की रिपोर्ट