Bihar Politics : आरक्षण की समीक्षा का अर्थ आरक्षण समाप्त करना नहीं, बल्कि उसका लाभ सही व्यक्ति तक पहुँचाना है: डॉ संतोष कुमार सुमन

Bihar Politics : मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा SC और ST आरक्षण में उप-वर्गीकरण के फैसले का मजबूती से समर्थन किया है.....पढ़िए आगे

Bihar Politics : आरक्षण की समीक्षा का अर्थ आरक्षण समाप्त करन
आरक्षण की समीक्षा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा की हमने SC-ST आरक्षण में उप-वर्गीकरण के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का तब भी समर्थन किया था और आज भी करते हैं। आखिर 79 वर्ष की आजादी के बाद यह सवाल पूछना गलत कैसे हो सकता है कि आरक्षण का लाभ किन वर्गों को कितना मिला और समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े कौन-से लोग आज भी इससे वंचित हैं?

उन्होंने कहा की हमारे देश में सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को पहचानने के लिए वर्गीकरण की व्यवस्था पहले भी हुई है। सामान्य वर्ग के भीतर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए EWS की व्यवस्था बनी, पिछड़े वर्गों में भी पिछड़ा और अतिपिछड़ा की अलग पहचान की गई। जब एक ही बड़े सामाजिक वर्ग के भीतर वास्तविक वंचितों तक लाभ पहुँचाने के लिए अलग श्रेणियां बनाई जा सकती हैं, तो फिर दलित समाज के भीतर भी यह देखना क्यों गलत है कि आरक्षण का लाभ सबसे वंचित लोगों तक पहुँच रहा है या नहीं?

मंत्री संतोष सुमन ने कहा की दलित समाज कोई एकरूप वर्ग नहीं है। उसके भीतर भी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति में अंतर है। यदि कुछ जातियां आरक्षण का लाभ लगातार अधिक प्राप्त कर रही हैं और कुछ आज भी पीछे हैं, तो उन तक अवसर पहुँचाने के लिए उप-वर्गीकरण क्यों नहीं होना चाहिए?

उन्होंने कहा की इसका अर्थ आरक्षण समाप्त करना नहीं है। बल्कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के दिए संवैधानिक अधिकार को उसके वास्तविक हकदारों तक पहुँचाना है। आरक्षण बचाना है तो उसकी पहुंच भी न्यायपूर्ण बनानी होगी। कहा की आरक्षण रहे, लेकिन उसका लाभ सबसे वंचित तक पहुँचे—यही सामाजिक न्याय है।