भ्रष्टाचार और लापरवाही पर राजस्व विभाग का बड़ा प्रहार, 9 और अधिकारियों पर गिरी गाज

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल नौ अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया है....

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर राजस्व विभाग का बड़ा प्रहार, 9 और
फाइल फोटो- फोटो : न्यूज4नेशन

Patna : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार, अनियमितता, कर्तव्यहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ा हंटर चलाया है। विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर 5 जून 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल नौ अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक राजस्व अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है, जबकि आठ अंचल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मियों पर गंभीर आरोपों के तहत आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई है।


सोनी कुमारी की बर्खास्तगी की अनुशंसा और नवीन भूषण की पेंशन में कटौती

विभागीय कार्रवाई की सबसे गाज राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो श्रीमती सोनी कुमारी पर पड़ी है, जो वर्ष 2021 से लगातार अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रही थीं। बार-बार स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद जवाब न देने और विभागीय कार्यवाही से भागने के कारण उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी नवीन भूषण पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों में 'फर्स्ट इन फर्स्ट आउट' (FIFO) नियम का उल्लंघन करने, मनमाने ढंग से मामलों का निष्पादन करने और राजस्व वसूली में भारी लापरवाही बरतने के आरोप सिद्ध होने के बाद, उनकी पेंशन से एक वर्ष तक 5 प्रतिशत कटौती करने का कड़ा दंड लगाया गया है।


दाखिल-खारिज में हेराफेरी और 'पिक एंड चूज' नीति अपनाने वालों पर शिकंजा

मंत्री के कड़े रुख के बाद तत्कालीन राजस्व कर्मचारी (मोहनपुर, गया) राजेश कुमार, तत्कालीन सीओ (बरौली, गोपालगंज) प्रशांत कुमार, तत्कालीन सीओ (किशनपुर, सुपौल) सुशीला कुमारी और तत्कालीन सीओ (महुआ, वैशाली) मणि कुमार वर्मा के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) गठित किए गए हैं। इन सभी अधिकारियों पर दाखिल-खारिज के मामलों में जानबूझकर 'पिक एंड चूज' (पसंदीदा मामलों को चुनना) नीति अपनाने, पेंडिंग केसों को दबाकर रखने, राजस्व महाअभियान में रुचि न लेने और अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब रहने जैसे गंभीर आरोप हैं।


रिश्वतखोर और नशे में धुत रहने वाले अधिकारियों पर भी चली विभागीय तलवार

इस कार्रवाई के दायरे में मधुबनी के तत्कालीन अंचल अधिकारी अभय कुमार भी आए हैं, जिन्हें जुलाई 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कथित रूप से रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ा दिया गया है। वहीं, भोजपुर के राजस्व अधिकारी दयाशंकर झा के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिन पर सिपाही भर्ती परीक्षा में ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए जाने का बेहद शर्मनाक आरोप लगा है। इसके अतिरिक्त, कैमूर की तत्कालीन सीओ शशि सिंह को दाखिल-खारिज मामलों में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरतने के कारण भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है।


पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए जारी रहेगा अभियान: डॉ. दिलीप जायसवाल

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इस कार्रवाई पर कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग में जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी, लापरवाही, मनमानी और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए यह सफाई अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी विभाग द्वारा 23 अंचल अधिकारियों पर गाज गिराई जा चुकी है और इस ताजा फैसले के बाद अब तक कार्रवाई की जद में आने वाले कुल अधिकारियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।


वंदना की रिपोर्ट