Bihar News : 551 आधुनिक मॉडल स्कूलों के उद्घाटन के बाद गरमाई राजनीति, मंत्री संतोष सुमन ने विपक्ष को दी नसीहत-कहा 'रंगों का विवाद छोड़ सुविधाओं पर करें चर्चा'

Bihar News : सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों के रंगों की राजनीति पर मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. कहा की- 'शिक्षा पर नहीं, विरोधी दलों की सियासत प्रतीकों पर टिकी है....पढ़िए आगे

Bihar News : 551 आधुनिक मॉडल स्कूलों के उद्घाटन के बाद गरमाई
विपक्ष पर हमला - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बिहार में 551 आधुनिक सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों के उद्घाटन के बाद विद्यालयों के रंग को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह अपेक्षा थी कि विपक्ष आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, खेल अवसंरचना और विद्यार्थियों को मिल रही बेहतर सुविधाओं पर चर्चा करेगा, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी नजर केवल विद्यालयों के रंग पर जाकर ठहर गई। यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष की राजनीति शिक्षा और विकास पर नहीं, बल्कि प्रतीकों पर केंद्रित हो गई है।

डॉ. सुमन ने कहा कि भगवा किसी राजनीतिक दल का रंग नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, त्याग, तप, ज्ञान और सेवा का प्रतीक है। हमारे ऋषि-मुनियों की परंपरा भगवा रही है, यज्ञ की अग्नि की आभा भगवा होती है और उगते सूर्य की पहली किरण भी भगवा रंग का संदेश देती है। यदि किसी को भगवा रंग से ही आपत्ति है, तो यह भारतीय संस्कृति और उसकी शाश्वत परंपराओं के प्रति उसकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की पहचान उनकी दीवारों के रंग से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाले शिक्षित, संस्कारित और सक्षम विद्यार्थियों से होती है।

उन्होंने कहा कि बिहार के अभिभावकों की प्राथमिकता अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य है। उन्हें इस बात से संतोष है कि राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों का निर्माण कर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रही है। ऐसे समय में रंगों के आधार पर विवाद खड़ा करना शिक्षा जैसे पवित्र विषय का अनावश्यक राजनीतिकरण है।

डॉ. संतोष कुमार सुमन ने विपक्ष से आग्रह किया कि वह भगवा के प्रति वैचारिक घृणा की राजनीति छोड़कर आत्ममंथन करे तथा शिक्षा और विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक सहयोग की भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता विकास की राजनीति को समझती है और यह भी तय करेगी कि जो लोग विकास के मुद्दों को छोड़कर केवल रंगों की राजनीति करते हैं, उनका भविष्य क्या होगा।