'मां सरस्वती सबको मधुर भाषा बोलने की सद्बुद्धि दें', आरसीपी सिंह का ललन सिंह को करारा जवाब
पटना के पटेल छात्रावास में सरस्वती पूजा के दौरान आरसीपी सिंह ने ललन सिंह के तीखे बयानों पर पलटवार किया। उन्होंने नेताओं को मधुर भाषा इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए अपनी वापसी के सवाल पर सस्पेंस बरकरार रखा।
Patna - बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पटना के पटेल छात्रावास पहुंचे। वहां उन्होंने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और छात्रों के साथ समय बिताया। हालांकि, इस धार्मिक आयोजन के बीच भी राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।
ललन सिंह के 'न' पर आरसीपी की दार्शनिक प्रतिक्रिया
हाल ही में जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया था। इस बारे में जब पत्रकारों ने आरसीपी सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने बेहद सधे हुए और दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "आज मां सरस्वती का दिन है। मैं मां से अनुरोध करूँगा कि जितने भी लोग पब्लिक लाइफ में हैं, मां उनके कंठ में बैठकर ऐसी भाषा का प्रयोग करवाएं जिससे सबका शुभ हो।"
भाषा की मर्यादा पर दिया जोर
आरसीपी सिंह ने सीधे टकराव से बचते हुए ललन सिंह के तीखे बयानों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब लोगों की जिह्वा पर मां सरस्वती बैठती हैं, तो पूरा इतिहास बदल जाता है। उन्होंने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सभी को अपनी तीखी से तीखी बात भी मधुर और मर्यादित भाषा में रखनी चाहिए।
क्या था ललन सिंह का विवादित बयान?
गौरतलब है कि बीते 18 जनवरी को ललन सिंह ने आरसीपी सिंह पर निशाना साधते हुए कहा था कि जदयू में ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है। ललन सिंह ने आरोप लगाया था कि आरसीपी सिंह ने ही जदयू को 72 सीटों से घटाकर 42 पर पहुँचा दिया था। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के समर्पित कार्यकर्ताओं ने पार्टी को फिर से 85 सीटों तक पहुँचाया है, ऐसे में पार्टी को नुकसान पहुँचाने वालों की वापसी का सवाल ही नहीं उठता।
जदयू में वापसी पर बरकरार है सस्पेंस
जब आरसीपी सिंह से सीधा सवाल पूछा गया कि क्या वे जदयू में शामिल हो रहे हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सवाल को टाल दिया और सिर्फ अपने घर का जिक्र किया। उनके इस संक्षिप्त उत्तर और ललन सिंह के कड़े रुख से यह साफ है कि जदयू के भीतर आरसीपी सिंह की एंट्री को लेकर अभी भी भारी गतिरोध बना हुआ है।
Report - Debanshu prabhat