पटना में पुलिसिया जुल्म का पर्दाफाश! बेगुनाहों को उठाकर थाने में रातभर दी गई थर्ड डिग्री? पुलिस की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल, एसएसपी साहब देख लीजिए खाकी का कारनामा

Patna Police Allegation: राजधानी पटना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस पर ही स्क्रिप्टेड साजिश रचने और बेगुनाह युवकों को झूठे केस में फंसाने का इल्ज़ाम लगा है।

Patna Police Exposed Innocents Held Third Degree Alleged
सिविल ड्रेस में पटना पुलिस की गुंडागर्दी !- फोटो : reporter

Patna Police Allegation: राजधानी पटना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस पर ही स्क्रिप्टेड साजिश रचने और बेगुनाह युवकों को झूठे केस में फंसाने का इल्ज़ाम लगा है। डीवीसी कॉलोनी निवासी ब्रजेन्द्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक (मध्य) को दिए आवेदन में दावा किया है कि उनके बेटे आकाश और रिश्तेदार प्रेम रंजन को गर्दनीबाग पुलिस ने प्लान बनाकर फंसाया और फिर हिरासत में बेरहमी से पीटा।

शिकायत के मुताबिक, 21 मार्च की शाम इलाके में कुछ युवक नशे की हालत में गाली-गलौज कर रहे थे। जब आकाश ने उन्हें हटने को कहा, तो बात तकरार से तांडव में बदल गई। आरोप है कि एक शख्स सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंचा और बिना पूछताछ सीधे आकाश पर टूट पड़ा। इसी दौरान प्रेम रंजन बीच-बचाव में आया, लेकिन हालात और बिगड़ गए मारपीट, छीना-झपटी और अफरातफरी का माहौल बन गया। सिविल ड्रेस वाला पुलिस  सचिवालय थाना में तैनात एएसआई बताया जा रहा है।

मामला यहीं नहीं रुका। रात के अंधेरे में रेड के नाम पर पुलिस की एंट्री हुई। बताया गया कि आधी रात को 20-25 पुलिसकर्मी जीपों में सवार होकर घर पहुंचे, और फिर पूछताछ के बहाने आकाश को उठा ले गए। अगले दिन पता चला कि दोनों को गर्दनीबाग थाना भेज दिया गया है, जहां पहले से दर्ज एक केस में उन्हें आरोपी बना दिया गया।

परिवार का सबसे गंभीर आरोप है थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर। दावा है कि दोनों युवकों को रातभर पीटा गया, यहां तक कि वे बेहोश हो गए। शरीर पर चोट के निशान और CCTV फुटेज को परिवार सबूत बता रहा है।

दिलचस्प मोड़ ये है कि शिकायतकर्ता प्रिंस कुमार, जो इस केस का मुख्य गवाह है, खुद एक पुलिसकर्मी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ऐसे में पूरे केस पर सेटिंग, पावर गेम और रंजिश की स्याही गहरी होती दिख रही है।

अब बड़ा सवाल क्या ये वाकई इंसाफ  है या फिर वर्दी के पीछे छिपा जुल्म का खेल? परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है, लेकिन पुलिस की खामोशी कई राज दफन किए बैठी है। इसका जवाब तो पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक हीं दे सकते हैं।

रिपोर्ट-रंजीत कुमार