पटना पुलिस शर्मसार: 12 दिन में दो एडिशनल SHO गिरफ्तार, रिश्वत लेते निगरानी ने दबोचा

पटना में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा! महज 12 दिनों में कदमकुआं और जानीपुर थाने के दो एडिशनल एसएचओ रिश्वत लेते गिरफ्तार। जानें कैसे निगरानी विभाग ने बिछाया जाल और 1 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा।"

Two additional SHOs arrested in 12 days in Patna
12 दिन में दो एडिशनल SHO घुस लेते गिरफ्तार- फोटो : Reporter

पटना में पुलिस महकमे के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि महज 12 दिनों के भीतर दो-दो एडिशनल एसएचओ भ्रष्टाचार के जाल में फंस गए। भ्रष्टाचार का यह सिलसिला 1 मई को शुरू हुआ, जब पटना के व्यस्त कदमकुआं थाने में तैनात एडिशनल एसएचओ अर्जुन यादव को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अर्जुन यादव पर आरोप था कि उन्होंने एक व्यक्ति को केस में फंसाने की धमकी दी थी और केस डायरी को मैनेज करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। निगरानी की टीम ने जाल बिछाकर उन्हें 7 हजार रुपये लेते हुए दबोच लिया था। 

अभी कदमकुआं की घटना की चर्चा थमी भी नहीं थी कि 12 दिन बाद ही जानीपुर थाने के एडिशनल एसएचओ संजय सिंह निगरानी के हत्थे चढ़ गए। बुधवार को निगरानी की टीम ने उन्हें 1 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। राजधानी में इतने कम अंतराल पर दो पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी ने विभाग की कार्यशैली और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जमीन विवाद सुलझाने का सौदा

यह पूरा मामला जमीन से जुड़े एक विवाद के निपटारे से संबंधित था। पीड़ित कौशल किशोर ने बताया कि एडिशनल एसएचओ संजय सिंह ने विवाद सुलझाने के लिए उनसे 5 लाख रुपये की मांग की थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 2 लाख रुपये में तय हुआ था। इसी सौदे की पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।

प्लॉट पर ही दबोचे गए अधिकारी

गिरफ्तारी के वक्त एडिशनल एसएचओ संजय सिंह पूरी तरह बेखबर थे। बुधवार को वह पीड़ित के गाजाचक, मोहम्मदपुर पंचायत स्थित प्लॉट पर सर्वे (जमीन की जांच) के लिए पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने रिश्वत की रकम हाथ में ली, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस की छवि एक बार फिर धूमिल हुई है।