Patna Municipal Corporation: पटनावासियों के लिए निवेश का सुनहरा मौका! नगर निगम ला रहा है 200 करोड़ का बॉन्ड, जानें आपको क्या होगा फायदा
Patna Municipal Corporation:
Patna Municipal Corporation: बिहार की राजधानी अब आधुनिकता के साथ-साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखने जा रही है। पटना नगर निगम (PMC) ने विकास की गति को तेज करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब शहर में सड़कों, पार्कों और ड्रेनेज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार के भरोसे बैठने की जरूरत नहीं होगी। निगम खुद 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने जा रहा है। यह कदम उठाने वाला पटना बिहार का पहला नगर निकाय बन सकता है, जो स्टॉक मार्केट (NSE/BSE) के माध्यम से फंड जुटाएगा।
नगर निगम का क्या है प्लान
दरअसल, नगर आयुक्त यशपाल मीणा के अनुसार, करीब 30 लाख की आबादी वाले शहर को बेहतर नागरिक सुविधाएं देने के लिए निगम को अपने स्तर पर संसाधन जुटाने होंगे। बॉन्ड से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़कों, जल निकासी, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। इससे केंद्र और राज्य सरकार पर वित्तीय निर्भरता भी कम होगी। यह आम निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी एक सुरक्षित निवेश का विकल्प बन सकता है।
राज्य सरकार से लेनी होगी मंजूरी
म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में सबसे पहले राज्य सरकार से मंजूरी लेनी होती है। इसके बाद निगम की वित्तीय स्थिति का विस्तृत आकलन किया जाता है, जिसमें ऑडिटेड बैलेंस शीट, प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर जैसे स्थायी आय के स्रोतों का रिकॉर्ड दिखाना जरूरी होता है। बॉन्ड जारी करने से पहले सेबी से मान्यता प्राप्त एजेंसी से क्रेडिट रेटिंग कराना अनिवार्य होता है और सफल निर्गम के लिए आमतौर पर ‘A’ या उससे बेहतर रेटिंग जरूरी मानी जाती है। रेटिंग मिलने के बाद बॉन्ड की पूरी रूपरेखा तय की जाती है, जिसमें कुल राशि, ब्याज दर, अवधि और यह तय किया जाता है कि बॉन्ड टैक्स-फ्री होगा या टैक्सेबल। पूरी प्रक्रिया भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के तहत होती है, ताकि निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे और निगम की जवाबदेही बनी रहे।
बॉन्ड निर्गम समिति की होगी गठन
इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक ‘बॉन्ड निर्गम समिति’ गठित की जाएगी। यह समिति रेटिंग एजेंसियों के साथ समन्वय, शर्तों को अंतिम रूप देने और निर्गम की प्रक्रिया को संचालित करेगी। 7 फरवरी को होने वाली निगम परिषद की बैठक में भी इस प्रस्ताव को प्रमुख एजेंडे में शामिल किया गया है। भारत में म्युनिसिपल बॉन्ड की शुरुआत सबसे पहले बेंगलुरु नगर निगम ने की थी, जिसके बाद कई शहरों ने इस मॉडल को अपनाकर विकास के लिए बाजार से पूंजी जुटाई है। अब पटना भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
क्या होता है म्युनिसिपल बॉन्ड और आपको क्या फायदा?
म्युनिसिपल बॉन्ड एक तरह का ऋण निवेश है। जब नगर निगम को किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए पैसों की जरूरत होती है, तो वह जनता या संस्थाओं से पैसा उधार लेता है। निश्चित रिटर्न- निवेशकों को उनके पैसे पर तय दर से ब्याज मिलता है। सुरक्षित निवेश- सरकारी संस्था होने के कारण इसमें जोखिम बहुत कम होता है। शहर का विकास- आपके निवेश किए गए पैसे से आपके ही शहर में बेहतर सुविधाएं बनेंगी।
कहाँ खर्च होंगे ये 200 करोड़ रुपये?
सूत्रों के अनुसार, बॉन्ड से जुटाई गई राशि को इन प्रमुख क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट यानी कचरा निपटान के लिए आधुनिक तकनीक। जल निकासी- मानसून में जलजमाव की समस्या से परमानेंट छुटकारा और बुनियादी ढांचा यानी शहर के प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण और मल्टी-लेवल पार्किंग के लिए इन पैसों को खर्च किए जाएंगे।