अब पटना में बदलेगा सफर का अंदाज, मेट्रो की नई टाइमलाइन जारी,ट्रैफिक से राहत की उम्मीद बढ़ी
Patna Metro: पटना की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार ने नई समय-सीमा तय कर दी है। ...
Patna Metro: पटना की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार ने नई समय-सीमा तय कर दी है। लंबे इंतजार के बाद अब मेट्रो निर्माण कार्य को तेज गति देने की कवायद शुरू हो गई है। लक्ष्य रखा गया है कि कॉरिडोर-1 के तहत मीठापुर से खेमनीचक तक 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रेच पर जून 2027 तक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाए। वहीं, वर्ष 2028 तक अंडरग्राउंड रूट पर भी मेट्रो दौड़ाने की तैयारी है।
पटना मेट्रो परियोजना की रफ्तार बढ़ाने को लेकर सोमवार को बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में परियोजना की मौजूदा स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, वित्तीय जरूरत, समय-सीमा और आने वाले ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव ने परियोजना में हुई करीब छह साल की देरी पर चिंता जताई और अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि अब काम की गति को दोगुना करना होगा। उन्होंने कहा कि संशोधित लक्ष्य के अनुसार मेट्रो परियोजना को पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 के तहत राजेंद्र नगर स्टेशन-मलाही पकड़ी रैंप से लेकर आकाशवाणी स्टेशन-पटना जंक्शन शाफ्ट तक करीब 8 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड स्ट्रेच को वर्ष 2028 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार की कोशिश है कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेट्रो परियोजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, जिससे बढ़ते ट्रैफिक दबाव से लोगों को राहत मिल सके।निर्माण कार्य में आर्थिक अड़चन नहीं आए, इसके लिए बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। डिपॉजिट वर्क्स के तहत चल रहे अनुबंधों के लिए 1100 करोड़ रुपये के फंड प्रवाह को लगातार बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
इससे निर्माण एजेंसियों को समय पर भुगतान मिल सकेगा और काम की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी।पटना मेट्रो परियोजना अब सरकार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। देरी के बाद प्रशासन ने अब निगरानी और फंडिंग दोनों स्तरों पर सख्ती बढ़ा दी है। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य की गति ही तय करेगी कि पटना वासियों का मेट्रो सफर 2027-28 के तय लक्ष्य तक कितना सफलतापूर्वक पहुंच पाता है।