पटना मेट्रो के लिए बड़ी खुशखबरी, यहां तक पूरा हुआ सुरंग निर्माण, जानिए कब से चलेगी चिड़ियाघर, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर पर मेट्रो ट्रेन
वर्तमान में पटना मेट्रो का परिचालन प्राथमिक कॉरिडोर पर भूतनाथ, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी स्टेशनों के बीच किया जा रहा है। यह खंड यात्रियों के लिए पहले ही शुरू किया जा चुका है।
Patna Metro : पटना मेट्रो परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी ला दी गई है। एक ओर जहां शहर के कई हिस्सों में मेट्रो स्टेशन और भूमिगत सुरंगों का निर्माण तेजी से चल रहा है, वहीं दूसरी ओर राजधानी के प्रमुख मार्ग बेली रोड पर भी बड़े पैमाने पर निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस और मेट्रो अधिकारियों ने रूट डायवर्जन की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
वर्तमान में पटना मेट्रो का परिचालन प्राथमिक कॉरिडोर पर भूतनाथ, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी स्टेशनों के बीच किया जा रहा है। यह खंड यात्रियों के लिए पहले ही शुरू किया जा चुका है। आने वाले महीनों में मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशनों को भी इस कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी चल रही है।
681 मीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का निर्माण
इधर, परियोजना के दूसरे चरण में चिड़ियाघर, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर पर मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। इन स्टेशनों के निर्माण के लिए बेली रोड के बड़े हिस्से को घेरा जाएगा। संभावित यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस, मेट्रो अधिकारियों और ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता ट्रैफिक एसपी सतीश कुमार ने की।
इस बीच परियोजना को बड़ी सफलता तब मिली जब मोइन-उल-हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच बनने वाली 681 मीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का निर्माण पूरा हो गया। यह टनल टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम)-04 की मदद से तैयार की गई है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडकालकट्टी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि टनल का निर्माण निर्धारित समय के भीतर पूरा हुआ है, जिससे परियोजना के अन्य कार्यों को भी गति मिलेगी।
भूमिगत सुरंग निर्माण का काम
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, पटना विश्वविद्यालय से पीएमसीएच होते हुए गांधी मैदान तक तथा गांधी मैदान से आकाशवाणी और पटना जंक्शन तक भूमिगत सुरंग निर्माण का काम तेजी से जारी है। वहीं मलाही पकड़ी से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक लगभग 750 मीटर लंबे रैंप का निर्माण भी प्रस्तावित है। राजेंद्र नगर टर्मिनल से मोइन-उल-हक स्टेडियम के बीच डाउन लाइन टनल तैयार हो चुकी है, जबकि मोइन-उल-हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय तक अप और डाउन दोनों टनल पहले ही बन चुकी हैं।
कुल 26 स्टेशन
पटना मेट्रो परियोजना के तहत कुल 26 स्टेशन बनाए जाने हैं। दानापुर कैंट से खेमनीचक तक बनने वाले कॉरिडोर-1 में 14 स्टेशन और पटना जंक्शन से आईएसबीटी तक बनने वाले कॉरिडोर-2 में 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 32 किलोमीटर से अधिक होगी।
2027 तक बड़ा काम
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। यदि कार्य की वर्तमान गति बनी रही तो वर्ष 2027 तक दोनों प्रमुख कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद राजधानी पटना को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।